मध्य प्रदेश के देवास जिले में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की अवैध शराब से भरे ट्रक के नीचे कुचलकर हुई मौत के मामले में पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। इस घटना के बाद आयशर ट्रक के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही, हरदा जिले के टिमरनी में संचालित तीन शराब दुकानों के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए हैं। आबकारी विभाग के एक सहायक जिला अधिकारी समेत दो आरक्षकों को निलंबन का सामना करना पड़ा है। इस गंभीर मामले की जांच की जिम्मेदारी अब राज्य शासन ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक उपेंद्र जैन को सौंपी है, जो देवास पहुंचकर जांच शुरू कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार, अवैध शराब से लदा एक आयशर ट्रक, जिसका क्रमांक एमपी 43 ह 4786 था, इंदौर से होते हुए गुजरात की ओर जा रहा था। इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक ने पांच से अधिक टीमें गठित कीं और कन्नौद, सतवास, नेमावर और खातेगांव पुलिस को इस कार्रवाई में लगाया। नेशनल हाईवे-59 पर हरदा-नेमावर मार्ग पर नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान, ट्रक चालक ढाबे पर पानी पीने के लिए रुका। खातेगांव टीआई दिलीप पुरी ने ट्रक को रोकने का प्रयास किया और चालक को नीचे उतरने को कहा। इसी बीच, झूमाझटकी हुई और चालक ने भागने के इरादे से ट्रक को आगे बढ़ा दिया। इस अफरातफरी में दिलीप पुरी ट्रक के नीचे गिर गए और पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आलीराजपुर जिले के बेहड़वा गांव से कैरम सिंह को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह अपनी स्विफ्ट कार से आयशर ट्रक की पाइलटिंग कर रहा था। वहीं, हरदा कलेक्टर ने पाटेंद्र जायसवाल की टिमरनी स्थित तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि राधाबाई की पुलिया के पास स्थित शराब दुकान से ट्रक में शराब भरकर रवाना की गई थी। घटना के बाद से टिमरनी की दो और रहटगांव की एक शराब दुकान बंद बताई जा रही हैं। पुलिस ने शराब ठेकेदार के मैनेजर भूपेंद्र सिंह राणा को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसके अलावा, सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमरसिंह बघेल और दो आबकारी आरक्षकों को भी निलंबित किया गया है। इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल का नाम भी सामने आया था, हालांकि उन्होंने शराब ठेके का लाइसेंस अपने पास होने से इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ठेका बड़वानी निवासी पाटेंद्र जायसवाल के पास है और भूपेंद्र सिंह राणा मैनेजर हैं। फिलहाल, पुलिस, आबकारी और राजस्व विभाग की टीमें मिलकर शराब के स्रोत, उसके परिवहन और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस जांच के पूरा होने के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, खातेगांव टीआई की पत्नी को एसआई पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। सरकार ने परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने का भी ऐलान किया है। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और प्रशासन इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता। इस पूरी घटना में शराब तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें। जांच दल शराब के स्रोत से लेकर अंतिम गंतव्य तक की कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगेगा।
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खातेगांव टीआई मौत: आयशर मालिक गिरफ्तार, तीन शराब दुकानें निलंबित
2 नवंबर 2026 को 10:51 pm बजे

खातेगांव टीआई मौत: आयशर मालिक गिरफ्तार, तीन शराब दुकानें निलंबित
