बच्चे पर कुत्ते के हमले के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ा है
सीहोर शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इस समस्या का एक नया मामला सामने आया है, जब शनिवार को ग्राम ढाबला माता में नफीस का तीन वर्षीय बेटा सेफू घर के सामने खेल रहा था। अचानक एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोच डाला। बच्चे की चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे सिविल अस्पताल ले गए। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के शरीर पर गंभीर घाव आए हैं। इस घटना ने ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं। हालाँकि, नगर पालिका ने पहले से ही कुत्तों को पकड़ने और वैक्सीनेशन अभियान चलाने का दावा किया था, लेकिन अब तक कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। नगर पालिका ने आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए 29 लाख रुपए की लागत का अनुमान लगाया गया है। परंतु सेंटर बनने में समय लगने के कारण नगर पालिका ने पहले ही वैक्सीनेशन कराने की बात कही थी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया था कि दवाइयां और इंजेक्शन खरीदकर पशु चिकित्सा विभाग को दिए जाएंगे और उनकी मदद से वैक्सीनेशन होगा। लेकिन श्रावण मास में कांवड़ यात्राओं और धार्मिक आयोजनों के चलते नपा के कर्मचारी व्यस्त थे। इस कारण अभियान में विलंब हुआ। अगस्त खत्म होने को है, पर सड़कों पर कुत्तों के झुंड बेखौफ घूम रहे हैं। इससे बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों में डर बना हुआ है। वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होने का खतरा भी झेल रहे हैं। अब नगर पालिका का कहना है कि कर्मचारी फ्री हो गए हैं और शीघ्र ही सघन अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ा जाएगा। इस अभियान में पशु चिकित्सा विभाग की मदद से टीकाकरण कराया जाएगा। हालांकि, कुत्तों को पकड़ने का अभियान अब तक शुरू नहीं हुआ है। बजट, योजना और डॉग कैचर की बात कही जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिका को तत्काल कदम उठाने होंगे। लोगों ने इस अभियान की शीघ्रता से शुरुआत करने की मांग की है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे और मामले सामने आ सकते हैं। नगर पालिका ने एबीसी सेंटर नगर पालिका के ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास बनाने की योजना बनाई है, जहां कुत्तों का बधियाकरण, टीकाकरण और उपचार प्रस्तावित है। इस बीच, लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाने की मांग की है। नगर पालिका के अधिकारी अब इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही कार्रवाई करने का आश्वासन दे रहे हैं। इस तरह की घटनाएं केवल एक बच्चे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।
