श्रावण माह के अंतिम दिन महाकाल भक्त मंडली ने भव्य श्रृंगार किया
उज्जैन में श्रावण माह के अंतिम दिन महाकाल भक्त मंडली ने भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया। भक्तों ने करीब दो घंटे की मेहनत से भोलेनाथ को महाकाल स्वरूप में सजाया। इस श्रृंगार के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित भजन-कीर्तन ने भक्तिमय वातावरण का निर्माण किया। महाकाल स्वरूप के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इन भक्तों ने उज्जैन की तर्ज पर सजे महाकाल स्वरूप को देखकर भाव-विभोर हो गए। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का दौर देर रात तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ और भगवान शिव के जयकारे लगाए। स्थानीय गायक कलाकारों ने इस आयोजन में भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ गया। महाकाल भक्त मंडली के सदस्य भरत नगर ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान भोलेनाथ का आकर्षक श्रृंगार किया गया। श्रावण माह का यह आयोजन हर साल श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। भक्त मंडली ने इस बार भी अपनी परंपरा को बनाए रखा। भक्तों ने इस आयोजन में एकजुट होकर हिस्सा लिया। महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने इस भक्ति में भाग लिया। राधा-कृष्ण मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन हर साल खास तिथि पर होता है। इस बार का आयोजन भी श्रद्धालुओं के लिए खास बन गया। मंदिर परिसर में विराजमान भोलेनाथ का श्रृंगार देखकर श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। भक्तों ने एकत्र होकर इस विशेष श्रृंगार का आनंद लिया। महाकाल स्वरूप के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर में आना जारी रहा। इस दौरान भक्तों ने मिलकर भजन गाए और एक-दूसरे को भगवान के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त की। कई स्थानीय गायक कलाकारों ने रात भर भजन गाकर माहौल को भक्ति में रंग दिया। इस धार्मिक आयोजन ने सभी को एक साथ लाने का कार्य किया। उज्जैन के राधा-कृष्ण मंदिर में भक्त मंडली ने भव्य श्रृंगार किया। इस श्रृंगार के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन भी हुआ। भोलेनाथ का महाकाल स्वरूप देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उन्होंने इस भव्य श्रृंगार का आनंद लिया। इस आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं को एकत्रित किया, बल्कि उन्हें भक्ति के एक अद्भुत अनुभव से भी जोड़ा। महाकाल भक्त मंडली ने इस विशेष अवसर पर सभी को एकजुट किया और भक्ति के इस माहौल में सभी ने मिलकर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। इस प्रकार, उज्जैन में श्रावण माह का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।
