तृप्ति सिंह और उसके भाई पर धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हुए हैं
भोपाल में तृप्ति सिंह पर एक और धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। तृप्ति ने खुद को ट्रेनी आईएएस और मध्य प्रदेश पर्यटन (एमपीटी) में एडिशनल डायरेक्टर बताकर एक युवक से ठगी की। रोहित लिल्हारे नाम के युवक ने बागसेवनियां थाने में शिकायत की है कि तृप्ति ने उसे एमपीटी की होटल-रिसोर्ट संपत्तियां लीज पर दिलाने और नौकरी लगवाने का झांसा देकर पैसे लिए। आरोप है कि तृप्ति ने युवक से 39.17 लाख रुपए की मांग की। रोहित ने बताया कि तृप्ति ने उसे विश्वास दिलाया कि वह एमपीटी में उच्च पद पर है और इसीलिए वह उसे नौकरी दिला सकती है। इससे रोहित और उसके परिचितों को उस पर विश्वास हो गया। लेकिन जब लीज और नौकरी का काम नहीं हुआ, तब रोहित ने रकम वापस मांगी। आरोपियों ने वापस केवल 1 लाख रुपए लौटाए। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि तृप्ति ने फर्जी पहचान और पद का इस्तेमाल कर विश्वास हासिल किया। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि तृप्ति ने किन दस्तावेजों या पहचान का इस्तेमाल किया। उसके और सहयोगियों के बैंक खातों में रकम पहुंचने और उनके इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है। तृप्ति के भाई सुधांशु सिंह और प्रखर सिंह पर भी आरोप है कि उन्होंने तृप्ति के आईएएस अधिकारी होने का दावा कर फरियादी का भरोसा बढ़ाने में मदद की। पुलिस ने अन्य पीड़ितों की शिकायतों का भी इंतजार कर रही है। रोहित ने बताया कि इसी तरह अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने तृप्ति सिंह, उसके भाई सुधांशु सिंह, प्रखर सिंह और अन्य सहयोगियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। इस मामले में कुल रकम 39.17 लाख रुपए हो गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 319(2), 316(5), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है। तृप्ति ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कई तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिससे यह भी स्पष्ट होता है कि वह अपने पद को लेकर कितनी गंभीर थी। आरोपी ने यह भी कहा कि जब उसने पैसे वापस मांगे तो केवल 1 लाख रुपए लौटाए गए, जबकि बाकी 38.17 लाख रुपए अभी तक वापस नहीं किए गए हैं। पुलिस अब संभावित अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने कितने लोगों से रकम ली और कितनी रकम जुटाई।
तृप्ति सिंह की पहचान की जांच
पुलिस ने यह भी कहा कि तृप्ति ने कई लोगों से फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर पैसे लिए हैं। उनकी जांच की जा रही है। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। रोहित का कहना है कि इस धोखाधड़ी ने उसे और उसके परिवार को मानसिक तनाव में डाल दिया है। ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द न्याय दिलाने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने इस मामले में तृप्ति और उसके सहयोगियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है। पुलिस ने कहा कि तृप्ति के खिलाफ कई अन्य मामलों की भी जांच की जाएगी। यह मामला इस बात का संकेत है कि कैसे कुछ लोग अपनी पहचान का गलत इस्तेमाल कर दूसरों को धोखा देते हैं।

