उज्जैन में महाकाल की राजसी सवारी से पहले कंठाल-छत्रीचौक मार्ग का निर्माण तेजी से चल रहा है। अधिकारियों ने दावा किया है कि सवारी से पहले पूरा काम पूरा कर लिया जाएगा, ताकि सवारी के दौरान मार्ग आकर्षक और व्यवस्थित नजर आए। यह मार्ग 450 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारी में उज्जैन के प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। इसी क्रम में कंठाल चौराहे से छत्रीचौक तक सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्ग के चौड़ीकरण से श्रद्धालुओं को सवारी के दौरान सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। कंठाल चौराहे पर अंडरग्राउंड लाइटिंग की व्यवस्था भी विकसित की गई है। यहां पेपर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं, जिससे चौराहे का स्वरूप नया और व्यवस्थित होगा। इससे बिजली के तारों के जाल से चौराहे को राहत मिलेगी और इसका स्वरूप अधिक साफ-सुथरा नजर आएगा। सती गेट क्षेत्र को भी हेरिटेज लुक मिलने की उम्मीद है। गेट पर किए गए पुराने पेंट को हटाकर उसमें लगे ऐतिहासिक एरण पत्थरों को उनके मूल स्वरूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, गेट के आसपास करीब 50 मीटर क्षेत्र में कोबल स्टोन लगाए जाएंगे। कंठाल-छत्रीचौक मार्ग के इस सौंदर्यीकरण के कार्य को लेकर निगम की टीम दिन- रात काम कर रही है। इस कार्य के पूरा होने के बाद सती गेट क्षेत्र और कंठाल चौराहा नए रूप में सामने आएंगे। निगम ने जानकारी दी है कि यह शहर में इस तरह की अंडरग्राउंड लाइटिंग का काम पहली बार किया जा रहा है। सवारी के दिन, 7 सितंबर को बाबा महाकाल की राजसी सवारी इसी मार्ग से निकलेगी। इस दिन मार्ग और आसपास के प्रमुख स्थलों को नया स्वरूप देने का काम अंतिम चरण में पहुंच जाएगा। निगम की टीम सौंदर्यीकरण के बचे हुए काम को तेजी से पूरा करने में जुटी हुई है। इस कार्य के पूरा होने के बाद उज्जैन की ऐतिहासिक पहचान को नए स्वरूप में सामने लाने का अवसर मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के सुधार से शहर की छवि में भी सुधार होगा, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। कंठाल से छत्रीचौक तक सड़क निर्माण का काम अब अंतिम चरण में है। इस मार्ग का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण श्रद्धालुओं के लिए न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि शहर के विकास में भी योगदान देगा। कंठाल चौराहा और सती गेट के सौंदर्यीकरण के बाकी काम को पूरा करने के लिए निगम की टीम ठेकेदार के साथ रात में भी काम कर रही है। इस परियोजना का उद्देश्य महाकाल की सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। इस कार्य के माध्यम से उज्जैन की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। पत्थरों पर ट्रांसपेरेंट वाटर रिपेलेंट कोटिंग की जाएगी, जिससे उनकी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक स्वरूप बरकरार रहे। उज्जैन में महाकाल की सवारी के लिए तैयारियों में तेजी आ गई है। निगम के अधिकारियों ने बताया है कि काम की प्रगति संतोषजनक है और सभी कार्य समय पर पूरे होने की उम्मीद है। कंठाल-छत्रीचौक मार्ग का निर्माण केवल एक सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उज्जैन की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को भी नया रूप देने का कार्य कर रहा है।
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कंठाल मार्ग का सौंदर्यीकरण महाकाल सवारी से पहले पूरा
30 अगस्त 2026 को 11:27 pm बजे

कंठाल मार्ग का सौंदर्यीकरण महाकाल सवारी से पहले पूरा
