राज्यपाल ने गांधी और शास्त्री की जयंती मनाई, साहित्य का किया वितरण
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकभवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर, उन्होंने दोनों महान नेताओं के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह कार्यक्रम शुक्रवार को लोकभवन के बैंक्वेट हॉल में संपन्न हुआ। राज्यपाल ने महात्मा गांधी के जीवन दर्शन और उनके विचारों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गांधीजी का जीवन हम सभी के लिए एक अमूल्य प्रेरणा स्रोत है और उनके दिखाए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही एक आदर्श समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम के दौरान, राज्यपाल ने महात्मा गांधी की प्रसिद्ध पुस्तक 'माई एक्सपेरिमेंट विथ ट्रुथ' की एक प्रति लोकभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों को भेंट की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक गांधीजी के अहिंसक सिद्धांतों को गहराई से समझने में सहायक सिद्ध होगी। राज्यपाल पटेल ने लाल बहादुर शास्त्री को भी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने 'जय जवान, जय किसान' के उनके प्रसिद्ध नारे को स्मरण किया, जो देश के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रतीक है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने जयंती के उपलक्ष्य में गांधी साहित्य का वितरण भी किया। इस साहित्य में महात्मा गांधी के जीवन, उनके विचारों और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके अमूल्य योगदान से संबंधित पुस्तकें और पुस्तिकाएं शामिल थीं। इस साहित्य वितरण का मुख्य उद्देश्य लोगों को गांधीजी के सिद्धांतों और उनके व्यापक दर्शन से अवगत कराना था, ताकि वे उनसे प्रेरणा ले सकें और उन्हें अपने दैनिक जीवन में आत्मसात कर सकें। इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव सुनील दुबे, सचिव जनजातीय प्रकोष्ठ मीनाक्षी सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे। सभी उपस्थित लोगों ने महापुरुषों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धांजलि व्यक्त की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समग्र वातावरण अत्यंत प्रेरणादायक और गरिमापूर्ण बना रहा।

