भगवान शिव की आराधना के लिए भव्य आयोजन हुआ
भोपाल के दादाजी धाम मंदिर में श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भक्तिमय आयोजन हुआ। पूरे सावन में श्रद्धालुओं ने प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना में सहभागिता की। मंदिर के अध्यक्ष श्री शिवरतन नामदेव एवं ट्रस्टियों ने बताया कि श्रावण मास के दौरान प्रतिदिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। इस धार्मिक साधना का आयोजन दादाजी गुरुदेव की कृपा एवं आशीर्वाद से संपन्न हुआ। श्रावण पूर्णिमा के इस पावन समापन अवसर पर भक्तों ने पूरे सावन में की गई पूजा-अर्चना को भगवान शिव के श्रीचरणों में समर्पित किया। बड़ी संख्या में भक्त इस धार्मिक साधना से जुड़े और भगवान भोलेनाथ के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा समर्पित की। इस विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव सहित मंदिर में विराजमान सभी देवी-देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा रक्षा-सूत्र अर्पित किए। भगवान शिव सहित देवी-देवताओं को रक्षा-सूत्र अर्पित कर भक्तों ने हवन किया, जिससे सुख-शांति एवं मंगल की कामना की गई। हवन में श्रद्धालुओं ने आहुति अर्पित करते हुए भगवान से परिवार की सुख-शांति, आरोग्य, समृद्धि तथा समस्त समाज एवं विश्व के कल्याण की प्रार्थना की। इस दौरान भक्तों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि प्रत्येक परिवार पर भगवान की कृपा बनी रहे, दुख एवं संकट दूर हों और जीवन में धर्म, सद्भाव, सुख तथा शांति का प्रकाश बना रहे। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव एवं अन्य देवी-देवताओं को रक्षा-सूत्र बांधकर भावपूर्ण प्रार्थना की। “हे प्रभु! हमारे सभी कष्टों को दूर करें, जीवन में सुख-शांति प्रदान करें और हमारी सभी शुभ मनोकामनाएं पूर्ण करें। ” इस धार्मिक आयोजन में वैदिक मंत्रोच्चार और अग्निदेव को समर्पित आहुतियों से मंदिर परिसर का वातावरण आध्यात्मिक एवं भक्तिमय हो गया। “ॐ नमः शिवाय” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर का वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंदिर परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं को श्रावण पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। श्री 1008 श्री दादाजी गुरुदेव चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री शिवरतन नामदेव एवं ट्रस्टियों ने कहा कि श्रावण मास में प्रतिदिन की गई शिव आराधना, रुद्राभिषेक और पूर्णिमा के अवसर पर संपन्न हवन भक्तों की अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। इस वर्ष का श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है।

