किचन में सब्जियों के नीचे फूड वेस्ट चैंबर मिला, बटर की जगह वेजिटेबल फैट का इस्तेमाल किया जा रहा था। दाल-चावल नष्ट कराए गए और बटर, तेल व पनीर के सैंपल जांच के लिए गए
खाद्य विभाग की टीम ने उज्जैन के होटल सॉलिटेयर स्थित माखन भोग रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया, जहां कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दिवाली से पहले उज्जैन में होटलों और रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच तेज कर दी है। सोमवार सुबह करीब 11 बजे खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने होटल सॉलिटेयर स्थित माखन भोग रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान किचन में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिससे अधिकारियों में नाराजगी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि सब्जियां रखने वाले स्टोर रूम के नीचे ही एक फूड वेस्ट चैंबर बना हुआ था, जिससे लगातार दुर्गंध आ रही थी। इसके अलावा, रोटी और चपाती पर परोसी जाने वाली बटर की जगह वेजिटेबल फैट स्प्रेड का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो खाद्य सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन है। टीम ने मौके पर बटर, तेल और पनीर के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। निरीक्षण के दौरान, खाद्य विभाग की टीम ने स्टोर रूम में आलू, प्याज और अन्य सब्जियां व्यवस्थित ढंग से रखी पाईं। हालांकि, इसी स्टोर रूम के ठीक नीचे एक फूड वेस्ट चैंबर का पाया जाना अत्यंत चिंताजनक था। इस चैंबर से उठ रही दुर्गंध न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा थी, बल्कि यह सीधे तौर पर खाद्य पदार्थों को भी दूषित कर सकती थी। अधिकारियों ने इस अव्यवस्था पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और इस व्यवस्था को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। किचन में साफ-सफाई की कमी और खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण को भी प्रमुखता से उजागर किया गया, जो कि खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत है। होटल सॉलिटेयर के माखन भोग रेस्टोरेंट में जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ। यहां रोटी और चपाती पर असली बटर के बजाय वेजिटेबल फैट स्प्रेड (न्यूट्रलाइट) का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस स्प्रेड में मुख्य रूप से वेजिटेबल ऑयल और बटर का फ्लेवर मिलाया जाता है, जो ग्राहकों को धोखा देने जैसा है। यह कृत्य खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत एक गंभीर अपराध है। इसके अलावा, डीप फ्रीजर में रखे गए दाल और चावल के बारे में रेस्टोरेंट संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। अधिकारियों को संदेह है कि ये खाद्य पदार्थ काफी पुराने हो सकते थे और संभवतः उपभोग के लिए अनुपयुक्त थे। खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर ही दाल और चावल को नष्ट कराने का आदेश दिया। यह कार्रवाई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई। किचन में सफाई की कमी के अलावा, आलू बड़े तलने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तेल की गुणवत्ता पर भी संदेह जताया गया। अधिकारियों ने तेल की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता व्यक्त की और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। खाद्य विभाग की टीम ने बटर, तेल और पनीर के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं। इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। खाद्य विभाग के खाद्य अधिकारी बसंत शर्मा ने बताया कि टीम सोमवार सुबह करीब 11 बजे औचक निरीक्षण के लिए पहुंची थी। उन्होंने कहा, 'जांच के दौरान हमें कई गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। हमने नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। इन अनियमितताओं के मद्देनजर, रेस्टोरेंट का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। ' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह जांच दिवाली तक जारी रहेगी और अन्य होटलों, रेस्टोरेंटों और मिठाई की दुकानों पर भी इसी तरह के औचक निरीक्षण किए जाएंगे। यह निरीक्षण खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशानिर्देशों के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को बनाए रखना है। खाद्य विभाग उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तरह के औचक निरीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि व्यवसाय खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करें और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न करें। फूड वेस्ट चैंबर का स्टोर रूम के नीचे होना एक गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। इससे न केवल दुर्गंध फैलती है, बल्कि यह कीटाणुओं और मक्खियों को भी आकर्षित करता है, जो सीधे तौर पर खाद्य पदार्थों को दूषित कर सकते हैं। सब्जियों के संपर्क में आने वाली कोई भी संदूषित वस्तु खाद्य जनित बीमारियों का कारण बन सकती है। यह व्यवस्था खाद्य भंडारण के बुनियादी नियमों का भी उल्लंघन है, जिसमें खाद्य पदार्थों को साफ और सुरक्षित वातावरण में रखना अनिवार्य है। वेजिटेबल फैट स्प्रेड का इस्तेमाल, जिसे अक्सर 'वनस्पति घी' भी कहा जाता है, कुछ बेकरी उत्पादों में लागत कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि, इसे बटर के रूप में बेचना या परोसना उपभोक्ताओं को गुमराह करना है। बटर एक डेयरी उत्पाद है, जबकि वेजिटेबल फैट स्प्रेड वनस्पति तेलों से बनाया जाता है। दोनों के स्वाद, बनावट और पोषण मूल्य में अंतर होता है। इस प्रकार के अनैतिक व्यापारिक व्यवहार से उपभोक्ताओं के विश्वास को ठेस पहुंचती है। संचालकों द्वारा पुराने दाल-चावल के बारे में संतोषजनक जवाब न दे पाना इस बात का संकेत है कि वे खाद्य पदार्थों के भंडारण और प्रबंधन में लापरवाही बरत रहे थे।
