92वें बैच में 286 प्रशिक्षु हुए शामिल
मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में 92वें सूबेदार/उप निरीक्षक बैच के बुनियादी प्रशिक्षण का शुभारंभ हो गया है। इस तीन महीने के आधारभूत प्रशिक्षण में कुल 286 प्रशिक्षु सूबेदार/उप निरीक्षक शामिल हैं, जिनमें 182 पुरुष और 104 महिलाएँ हैं। प्रशिक्षण का शुभारंभ अकादमी के निदेशक/विशेष पुलिस महानिदेशक रवि कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। वर्तमान समय में अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए, इस प्रशिक्षण में आधुनिक पुलिसिंग के साथ-साथ कानून, साइबर अपराध अनुसंधान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान, प्रशिक्षु अधिकारियों को कानून एवं न्यायिक व्यवस्था की गहरी समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा। उन्हें उप निरीक्षक/सूबेदार के अधिकारों और सीमाओं का ज्ञान दिया जाएगा, साथ ही विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने के तरीके सिखाए जाएंगे। सामुदायिक पुलिसिंग और अपराध अनुसंधान में व्यावहारिक दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि अधिकारी जमीनी स्तर पर बेहतर काम कर सकें। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और साइबर अपराध अनुसंधान की बढ़ती महत्ता को देखते हुए, प्रशिक्षण कार्यक्रम में इन आधुनिक तकनीकों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। प्रशिक्षुओं को एआई आधारित उपकरणों के उपयोग से परिचित कराया जाएगा, ताकि वे तकनीक आधारित अपराधों की पहचान, अनुसंधान और प्रभावी कार्रवाई के लिए आवश्यक व्यावसायिक दक्षता हासिल कर सकें। इसका उद्देश्य अधिकारियों को वर्तमान समय की पुलिसिंग आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। आंतरिक प्रशिक्षण सत्रों में पुलिस संगठन, प्रशासनिक व्यवस्था, कानून का प्रारंभिक और व्यावहारिक ज्ञान शामिल होगा। इसमें भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम सहित अन्य महत्वपूर्ण अधिनियमों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। पुलिस कार्यप्रणाली, पुलिस रेगुलेशन, व्यक्तित्व विकास, मानव व्यवहार, पुलिस में नैतिकता, प्रबंध कौशल और कंप्यूटर का प्रभावी उपयोग जैसे विषय भी प्रशिक्षुओं को सिखाए जाएंगे। बाह्य प्रशिक्षण के अंतर्गत, अधिकारियों की शारीरिक और व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसमें फिजिकल ट्रेनिंग (पीटी), शरीर सौष्ठव, एथलेटिक्स और टीम गेम्स शामिल हैं। इसके अलावा, बेसिक ड्रिल, हथियार प्रशिक्षण, वेपन हैंडलिंग और फायरिंग का अभ्यास भी कराया जाएगा, जिससे वे किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए शारीरिक रूप से सुदृढ़ बन सकें।

