मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने भोपाल में अति उच्च दाब (ईएचटी) ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में हो रहे निर्माणों पर गंभीरता दिखाते हुए अब तक 853 नोटिस जारी किए हैं। शहर की तीन प्रमुख 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) क्षेत्र में सामने आए मानव जीवन के लिए खतरा बने इन निर्माणों के संबंध में यह कार्रवाई की गई है। एमपी ट्रांसको इन निर्माणों से संभावित विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से एक जागरूकता अभियान चलाएगा और संबंधित निर्माणकर्ताओं को सुरक्षा मानकों की जानकारी देगा। एमपी ट्रांसको भोपाल के अधीक्षण अभियंता सुधीर नेमा ने बताया कि भोपाल में तीन प्रमुख 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों के आरओडब्ल्यू क्षेत्र में निर्माण कार्य पाए गए हैं। इनमें गोविंदपुरा भोपाल-बैरागढ़ टैप लालघाटी, भोपाल-आईटी पार्क और भोपाल-अमरावतखुर्द ट्रांसमिशन लाइनें शामिल हैं। इन लाइनों के आसपास विभिन्न स्थानों पर निर्माण होने से निर्धारित विद्युत क्लियरेंस बनाए रखने में चुनौती आ रही है। गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, करोंद, नारियलखेड़ा, देवकीनंदन नगर, बैरागढ़, आनंद नगर, जैन कॉलोनी कलियासोत, रतनपुर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों के नजदीक तेजी से शहरी विस्तार हुआ है। इन क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कारीडोर में नियम विरुद्ध निर्माण कर लिए गए हैं, जो मानव जीवन के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं। 853 नोटिस जारी किए जाने के बाद अब एमपी ट्रांसको संबंधित निर्माणकर्ताओं को विद्युत सुरक्षा प्रावधानों की जानकारी देने के साथ स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाएगा। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप संभावित विद्युत दुर्घटनाओं और व्यवधानों की रोकथाम के लिए कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित कॉरिडोर में निर्माण कार्य न करें और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।
समाचार
एमपी ट्रांसको ने जारी किए 853 नोटिस
2 नवंबर 2026 को 10:51 pm बजे
एमपी ट्रांसको ने जारी किए 853 नोटिस
