उज्जैन में दूध की नई दरें तय हो चुकी हैं, शनिवार, 3 अक्टूबर से यह 66 रुपए प्रति लीटर की दर से उपलब्ध होगा
उज्जैन शहर में दूध के दाम जल्द ही बढ़ने वाले हैं। दूध विक्रेता संघ ने नई दरें तय कर दी हैं, जो शनिवार, 3 अक्टूबर से लागू होंगी। इस फैसले के पीछे कम बारिश के साथ-साथ चारा, खली, डीजल और गैस के दाम बढ़ना बताया जा रहा है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को हुई संघ की बैठक में बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए दूध की खरीदी और बिक्री की नई दरें निर्धारित की गईं। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि किसानों और पशुपालकों से दूध की खरीदी 9.70 रुपए प्रति फैट की दर से की जाएगी। यह दरें पशुपालकों की लागत और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर तय की गई हैं। किसानों और पशुपालकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण फैसला है, क्योंकि हाल के दिनों में पशुपालन की लागत में काफी वृद्धि हुई है। चारे, खली और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से उनकी आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा था। कम बारिश के कारण चारे की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है, जिससे उसकी कीमतें आसमान छू रही हैं। डीजल और गैस के दामों में वृद्धि ने परिवहन लागत को भी बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर दूध उत्पादन की लागत पर पड़ रहा है। इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, दूध विक्रेता संघ ने किसानों और पशुपालकों को उचित मूल्य दिलाने का प्रयास किया है, ताकि वे अपना व्यवसाय जारी रख सकें। उन्होंने उपभोक्ताओं से इस नई दर को समझने का आग्रह किया है। शहर में दूध की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहे, इसके लिए भी संघ ने प्रयास किए हैं। नई दरें तय होने से दूध विक्रेताओं को भी मुनाफा कमाने में मदद मिलेगी, जिससे वे बेहतर सेवा प्रदान कर सकेंगे। यह निर्णय उज्जैन दूध विक्रेता संघ की शुक्रवार को हुई बैठक में लिया गया। बैठक में संघ के सदस्य, पदाधिकारी और दूध विक्रेता मौजूद थे। सभी ने मिलकर बाजार की वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य दूध की खरीदी और बिक्री की दरों को वर्तमान आर्थिक परिदृश्य के अनुसार समायोजित करना था। लंबे विचार-विमर्श के बाद, एक नई मूल्य सूची को अंतिम रूप दिया गया। नई मूल्य सूची में दूध की गुणवत्ता के आधार पर फैट की दरें भी निर्धारित की गईं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उपभोक्ता इस बदलाव को समझेंगे। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मूल्य वृद्धि का शहर के उपभोक्ताओं पर क्या प्रभाव पड़ता है और क्या वे इस बढ़ी हुई कीमत पर दूध खरीदने के लिए तैयार हैं।

