विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के एक सनसनीखेज मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, वहीं अपराध में पति का साथ देने और बात छिपाने वाली उसकी पत्नी को भी 5 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। पीडि़ता को 1 लाख रुपये का प्रतिकर देने का भी आदेश दिया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार यह मामला 23 जनवरी 2025 का है। कोतवाली थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मां ने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी स्कूल गई थी, लेकिन छुट्टी के बाद घर वापस नहीं लौटी। स्कूल में उसका बैग तो मिला, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चल सका। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बहला- फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज कराया गया था। लगभग 10 दिन बाद पुलिस ने नाबालिग पीडि़ता को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया और उसके बयान दर्ज किए। पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि वह बिना बताए घर से चली गई थी और डर के कारण वापस नहीं लौटी। सीहोर रेलवे स्टेशन पर उसे एक बच्चा मिला था, जिसके साथ वह रात बिताने सरकारी अस्पताल गई थी। वहां से आरोपी संजू कौशल की पत्नी पूजा कौशल उस बच्ची को अपने घर ले गई। घर ले जाने के बाद आरोपी संजू कौशल ने नाबालिग के साथ गलत हरकत की और कुछ दिनों बाद उसकी मर्जी के खिलाफ दुष्कर्म जैसी घटना को अंजाम दिया। जब पीडि़ता ने यह बात आरोपी की पत्नी पूजा कौशल को बताई तो उसने पीडि़ता को धमकाया और घटना के बारे में किसी को भी कुछ न बताने के लिए चुप करा दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 फरवरी 2025 को दोनों पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने वैज्ञानिक साक्ष्यों व दस्तावेजों जैसे स्कूल के दस्तावेजों से उम्र की पुष्टि के आधार पर अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की।
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पति को आजीवन कारावास, पत्नी को 5 साल की सजा
2 नवंबर 2026 को 10:51 pm बजे
