अनूपपुर जिले की सड़कों पर मवेशियों के झुंड हादसों का कारण बन रहे हैं। पिछले ढाई साल में इनसे जुड़े 24 हादसों में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। कलेक्टर रत्नाकर झा ने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने और उनकी निगरानी के निर्देश दिए थे, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। रात में मवेशी सड़क किनारे और चौराहों पर बैठे रहते हैं, जबकि दिन में भी वे सड़कों पर घूमते हैं। इससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। अनूपपुर नगरपालिका के पास मवेशियों को पकड़ने के लिए पर्याप्त हाका गैंग सदस्य नहीं हैं और मवेशियों को ले जाने वाला काऊकैचर भी खराब है। इस वजह से नगरपालिका उन्हें सुरक्षित भेजने के बजाय वार्ड की गलियों में भगा देती है। नगरपालिका अध्यक्ष अंजुलिका शैलेंद्र सिंह ने बताया कि काऊकैचर को ठीक कराने के लिए दूसरे शहर से मिस्त्री बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरी नगरपालिका से भी काऊकैचर मंगवाया गया था, लेकिन मवेशियों की संख्या अधिक होने के कारण यह अपर्याप्त था। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में 4 हादसों में 1 व्यक्ति की मौत हुई। 2025 में 12 हादसों में 5 लोगों की जान गई, और 2026 में अब तक 7 दुर्घटनाओं में 4 लोगों की मौत हो चुकी है।
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अनूपपुर: ढाई साल में 24 हादसे, 10 की मौत
2 नवंबर 2026 को 10:51 pm बजे

अनूपपुर: ढाई साल में 24 हादसे, 10 की मौत
