एक एकड़ से 10 लाख तक की आय
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच विभिन्न विषयों पर ज्ञानवर्धक संवाद हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि एक एकड़ जमीन से 10 लाख तक की सालाना आय प्राप्त की जा सकती है। मल्टी क्रापिंग और उद्यानिकी फसलों का मूल्य संवर्धन इसके सर्वश्रेष्ठ उपाय हैं। रीजनल सेंटर फॉर ऑर्गेनिक फार्मिंग नागपुर के रीजनल डायरेक्टर एएस राजपूत ने प्राकृतिक खेती और जैविक खेती के बीच अंतर समझाया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में देश में आगे चल रहा है। राजपूत ने बताया कि प्राकृतिक खेती में बाजार से कोई भी रसायन खरीद कर खेतों में नहीं डाला जाता। खेती के लिए उपयोग में लाए जाने वाले सभी संसाधन भूमि, पानी, पर्यावरण और जीवों को नुकसान न पहुंचाने वाले होने चाहिए। प्राकृतिक खेती के उत्पादों का प्रमाणीकरण आवश्यक है, जिससे उनकी अलग पहचान बनती है। उन्होंने किसानों को जानकारी दी कि केंद्र सरकार दो प्रकार से प्रमाणीकरण करती है: पहला तृतीय पक्ष प्रमाणन और दूसरा भागीदारी गारंटी प्रणाली। प्रमाणीकरण करने वाली 36 संस्थाएं हैं, जो एपीडा और केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करती हैं। दूसरी प्रणाली किसान-केंद्रित और विश्वास आधारित है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के बारे में राजपूत ने बताया कि किसान अब खेतों की अच्छी सेहत और बाजार में अच्छी मांग के कारण प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती के कुछ मानक भी बताए, जिनमें कृत्रिम रसायनों, उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग न करना, खेत पर तैयार जीमावृत्त और नीमास्त्र का उपयोग, गोबर और गोमूत्र से तैयार मिश्रण का इस्तेमाल, बहुफसली खेती और मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन शामिल हैं। गुणवत्तापूर्ण बीज को पहचानने के तरीके भी समझाए।
