मौलाना अबू तालिब रहमानी ने भोपाल में आयोजित एक जलसे में महिलाओं की सुरक्षा और समाज की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेटी चाहे किसी भी धर्म की हो, उसकी सुरक्षा पूरे समाज का कर्तव्य है। उन्होंने मुस्लिम समाज से आत्ममंथन करने और जरूरतमंदों की मदद के लिए हर मस्जिद में सामुदायिक कोष (बैतुलमाल) बनाने की अपील की। मौलाना रहमानी ने अमेरिका के जेफ्री एपस्टीन मामले का जिक्र करते हुए महिला अधिकारों पर सवाल उठाए। उन्होंने भारत में बच्चियों के लापता होने के मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि करीब 10 लाख बेटियां गायब हो चुकी हैं। उन्होंने सरकार से उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और मणिपुर से राजस्थान तक भारत का सुरक्षित और खुशहाल रहना उनकी तमन्ना है। उन्होंने मुसलमानों के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की हिफाजत में भी उनका समाज आगे रहेगा। मौलाना ने मुस्लिम समाज की कमियों पर भी बात रखी और महिलाओं को समूह लोन व सूद के जाल से बचने की नसीहत दी। उन्होंने परिवारों से बच्चों की बेहतर परवरिश पर ध्यान देने की अपील की।
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महिलाओं की सुरक्षा पर मौलाना रहमानी चिंतित: कहा, 10 लाख बेटियां लापता, सरकार करे गंभीर प्रयास
2 नवंबर 2026 को 10:51 pm बजे
