‘सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा’ के दौरान किसानों ने बताया कि खाद न मिलने और बिजली की समस्या से खेती प्रभावित हो रही है
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोपाल में सड़क किनारे आलू की बुवाई कर रहे किसानों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खाद की कमी, बिजली की समस्याओं और अपनी उपज के कम दाम मिलने को लेकर किसानों की शिकायतें सुनीं। यह बातचीत उज्जैन से अयोध्या तक उनकी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा’ के तीसरे दिन हुई। किसानों ने दिग्विजय सिंह को बताया कि बुवाई के मौसम में समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पाई और टोकन-आधारित वितरण प्रणाली से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी शिकायत की कि बिजली से जुड़ी समस्याओं के कारण खेती-किसानी के कामों पर बुरा असर पड़ रहा है। आलू की पिछली फसल का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि बाजार में कम दाम मिलने की वजह से वे अपनी उत्पादन लागत भी नहीं निकाल पाए। उन्होंने कहा कि अपनी उपज को कोल्ड स्टोरेज में रखने के बाद भी वे स्टोरेज का खर्च तक नहीं निकाल सके। उन्होंने दिग्विजय सिंह से आग्रह किया कि वे किसान समुदाय की इन चिंताओं को उठाएं। बयान के अनुसार, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने ‘धरती माता’ और ‘माता सीता’ के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसे किसानों की गरिमा से जोड़ा। दिग्विजय सिंह ने कहा, “यह धरती केवल भोजन का स्रोत ही नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति की जननी भी है। किसान इस पवित्र भूमि का सेवक और अन्नदाता है। ” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मिट्टी का सम्मान और किसानों की गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए। सिंह की पदयात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद शुरू हुई।

