मध्य प्रदेश में आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा लगातार गरमा रहा है। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश अध्यक्ष जियालाल अहिरवार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश के करीब 8 लाख आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की है। बसपा ने मांग की है कि वर्षों से सरकारी विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए नियमित वेतनमान और सेवा सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। साथ ही, जिन विभागों में स्थायी प्रकृति के काम लंबे समय से आउटसोर्स कर्मचारियों से कराए जा रहे हैं, वहां स्वीकृत पदों का निर्धारण कर नियमित भर्ती की नीति बनाई जाए। यह मांग ऐसे समय उठी है, जब प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों को लेकर विरोध सामने आ रहा है। 21 अक्टूबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में अक्टूबर से की गई वृद्धि को कर्मचारी संगठनों ने अपर्याप्त बताया। वहीं, अगस्त में आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों ने भोपाल में प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखी थीं। आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा हाल में फिर चर्चा में आया, जब अक्टूबर 2026 से लागू न्यूनतम वेतन दरों में बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारी संगठनों ने नाराजगी जताई। नईदुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन के पदाधिकारियों ने दावा किया कि प्रदेश के करीब पांच लाख आउटसोर्स और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के वेतन में औसतन प्रतिदिन छह रुपए की बढ़ोतरी हुई है। संगठन ने न्यूनतम वेतन केंद्र के बराबर करने की मांग भी उठाई। इससे पहले अगस्त में प्रदेशभर से आउटसोर्स बिजली कर्मचारी भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। उनकी प्रमुख मांगों में सेवा सुरक्षा, नियमित वेतन भुगतान और ठेका व्यवस्था में सुधार शामिल थे।
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बसपा ने CM को सौंपा पत्र, नियमितीकरण की मांग
23 अक्टूबर 2026 को 11:04 pm बजे
