राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर में आयोजित द्वादश (12वें) दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों से आह्वान किया कि उन्होंने जो ज्ञान हासिल किया है, वह उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि भर नहीं है, बल्कि देश के विकास की अमूल्य निधि है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह भावी जीवन की नई जिम्मेदारियों और नई संभावनाओं का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। राज्यपाल पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि विश्वविद्यालय में अर्जित ज्ञान को आचरण में भी उतारें और इसका उपयोग कृषि की ऐसी व्यवस्था में करें जो पर्यावरण के अनुकूल हो, देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करे और भावी पीढ़ियों का भविष्य संवारे। कार्यक्रम के दौरान, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि दिनेश कुलकर्णी, विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला, प्रमंडल के सदस्यगण, कुलसचिव अजय कौशल एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मंचासीन थे। इस अवसर पर राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे तथा जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत भी उपस्थित रहे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि कृषि शिक्षा की सार्थकता देश की मिट्टी, जल, पर्यावरण और खाद्य सुरक्षा के संरक्षण के साथ करोड़ों किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करने में निहित है। राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र में हो रहे तीव्र बदलावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान, तकनीक और नए विचारों के सहारे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, घटती जोत, मिट्टी की सेहत और जल संकट जैसी वर्तमान चुनौतियों के समाधान खोजकर उत्पादन की अस्थिरता को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल पटेल ने कृषि विद्यार्थियों से कहा कि उनकी प्रतिभा की असली परीक्षा प्रयोगशाला के शोध पत्रों में नहीं, बल्कि ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव तकनीक जैसी आधुनिक विधियों को खेतों तक ले जाने में है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में कृषि, शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कृषि शिक्षा को व्यवहारिक ज्ञान से जोड़कर किसानों की खुशहाली के लिए नए अवसर सृजित करने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया। इस समारोह में गत 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 के बीच उपाधि पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।
समाचार
कृषि दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का संदेश: ज्ञान को आचरण में उतारें विद्यार्थी
15 अक्टूबर 2026 को 11:22 pm बजे

कृषि दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का संदेश: ज्ञान को आचरण में उतारें विद्यार्थी
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया


