जेल प्रशासन ने आरोपों को सिरे से खारिज किया, कहा- तबीयत बिगड़ने पर भेजा अस्पताल
दमोह जिला जेल में मंगलवार रात एक कैदी संजू यादव की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने पर कैदी ने जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले को नया मोड़ दे दिया। संजू का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट की गई और पैसों की मांग की गई। वहीं दूसरी ओर, जेल प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अस्पताल में इलाज के दौरान कैदी संजू यादव ने बताया कि वह मंगलवार को ही जेल में दाखिल हुआ था। रात में जेल प्रहरियों ने उसके साथ मारपीट की और 20 हजार रुपए की मांग की। संजू के मुताबिक, जब उसने परिवार के पास इतने पैसे न होने की बात कही, तो उसके साथ मारपीट की गई और सीना दबाया गया, जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। कैदी ने कहा कि पैसे मांगने वालों का नाम वह नहीं जानता, लेकिन सामने आने पर चेहरे देखकर पहचान सकता है। मामले को लेकर अस्पताल के डॉक्टरों और जेल प्रशासन का अलग-अलग पक्ष सामने आया है। जिला अस्पताल के यशपाल ठाकुर ने बताया कि संजू को सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ और शरीर में अकड़न की शिकायत थी। शुरुआती इलाज और कुछ जांचों के बाद उसे वार्ड में भर्ती कर लिया गया है, जहां उसकी हालत फिलहाल सामान्य है। वहीं जेल के उप प्रबंधक एमएल पटेल ने कैदी के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि संजू और उसका चचेरा भाई अज्जू यादव आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में मंगलवार को ही जेल आए थे। कैदी ने सिर्फ तबीयत खराब होने की बात कही थी, जिसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। जेल उप प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि कैदी संजू के साथ कोई मारपीट नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कैदी को जेल में सामान्य प्रक्रिया के तहत लाया गया था और तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। जेल प्रशासन किसी भी तरह के दुर्व्यवहार या अवैध मांग के आरोपों का खंडन करता है।



