सीहोर के समाजसेवी विनय रुठिया ने ब्रिटिश सरकार पर कथित तौर पर एक लोन का भुगतान न करने का आरोप लगाया है। इस मामले में कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद यूनाइटेड किंगडम के डेट मैनेजमेंट ऑफिस (यूके डीएमओ) ने ईमेल के जवाब में कहा है कि जांच के दौरान उसे संबंधित लोन का ऐसा कोई रिकॉर्ड या प्रमाण नहीं मिला, जिससे ब्रिटिश सरकार की भुगतान संबंधी जिम्मेदारी स्थापित हो सके। रुठिया ने विभाग के इस जवाब पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि जब पहले दस्तावेज मांगे गए और बाद में प्रमाण उपलब्ध करा दिए गए, तो अब रिकॉर्ड न होने की बात कहना सवाल खड़े करता है। विनय रुठिया के अनुसार, ब्रिटिश सरकार को कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद सरकार की ओर से लोन से संबंधित दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी मांगी गई थी। इसके बाद रुठिया ने अपने वकील के माध्यम से प्रमाणित दस्तावेज ईमेल से भेजे। रुठिया का दावा है कि उनके पास लोन से संबंधित लिखित दस्तावेज और राजनीतिक एजेंट के हस्ताक्षर वाले रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने मांग की है कि ब्रिटिश सरकार इस कथित लोन से जुड़े दस्तावेजों और उसकी स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी दे। परिवार का दावा है कि उनके पूर्वजों ने ब्रिटिश सरकार को 35 हजार लोन के रूप में दिए थे। यह जानकारी तब सामने आई जब 109 साल बाद पोतों ने हिसाब मांगा।
समाचार
ब्रिटिश सरकार पर लोन बकाया: यूके डीएमओ ने कहा रिकॉर्ड नहीं मिला
18 अक्टूबर 2026 को 11:52 pm बजे

ब्रिटिश सरकार पर लोन बकाया: यूके डीएमओ ने कहा रिकॉर्ड नहीं मिला
साझा करेंWhatsApp
