दमोह जिले की राजस्व सीमा में कैल्शियम कार्बाइड गन (देशी गन) के निर्माण, भंडारण, विक्रय और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट प्रताप नारायण यादव ने यह आदेश जारी किया है। यह कदम त्योहारों, विवाह समारोहों और अन्य आयोजनों के दौरान इस अवैध गन के बढ़ते उपयोग की आशंका को देखते हुए उठाया गया है, जो स्वास्थ्य और जनहानि का गंभीर खतरा पैदा करती है। यह गन लोहे, स्टील या पीवीसी पाइपों और गैस लाइटर का उपयोग कर बनाई जाती है। इसके फटने पर कार्बाइड और पानी के मिश्रण से बनने वाली एसिटिलीन गैस तथा प्लास्टिक के टुकड़े शरीर, आंख, त्वचा, मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम को गंभीर क्षति पहुंचाते हैं। प्रशासन ने बेरियम साल्ट वाले, 125 डेसिबल से अधिक ध्वनि वाले, और एंटीमनी, लिथियम, मर्करी, आर्सेनिक, लेड, स्ट्रोंसियम व क्रोमेट युक्त पटाखों के निर्माण, भंडारण और विक्रय पर भी रोक लगा दी है। इसके अतिरिक्त, पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और गैर-लाइसेंसी व्यक्तियों द्वारा विक्रय प्रतिबंधित रहेगा।
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कैल्शियम कार्बाइड गन व प्रतिबंधित पटाखों पर दमोह में लगी रोक
24 अक्टूबर 2026 को 10:59 pm बजे
