मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में शस्त्र पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा पर जोर दिया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजयादशमी के पावन पर्व पर इंदौर पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शस्त्र पूजन भारतीय सनातन संस्कृति, शौर्य, शक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए जीवन जीने की प्रेरणा देती है। शस्त्र धारण करना केवल शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के कष्ट दूर करने, नागरिकों की रक्षा करने और व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर मां कालका की आराधना की तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परंपरागत तलवार, भाला सहित अत्याधुनिक एके-47 और अन्य अस्त्र-शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया। उन्होंने पुलिस वाहन, अश्वों का पूजन करने के साथ शस्त्रागार का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में उन्होंने कन्या पाद पूजन भी किया और महिला पुलिस दल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त किया। यह समारोह धार्मिक आस्था, शौर्य परंपरा और जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का समन्वय दर्शाता है। विजयादशमी के पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधर्म पर धर्म की विजय तथा नारी शक्ति के सामर्थ्य का संदेश देने वाली भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध और मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की परंपरा से समृद्ध सनातन संस्कृति हमारे संस्कारों और जीवनशैली को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। हमारी परंपरा में शस्त्र को भी तिलक लगाकर श्रद्धा और पवित्रता के साथ पूजने का विधान है, जो शस्त्र के प्रति सम्मान के साथ उसके जिम्मेदार उपयोग की प्रेरणा देता है। भारत का गौरवशाली इतिहास वीरों के त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण से निर्मित हुआ है, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर स्वर्णिम भविष्य की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने सामाजिक संस्कारों और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने के लिए सभी त्योहारों में सक्रिय सहभागिता की परंपरा विकसित की है। इसी कड़ी में आज प्रदेशभर में पुलिस बलों द्वारा शासकीय स्तर पर शस्त्र पूजन किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन में अनुशासन के साथ प्रोत्साहन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि दण्ड से व्यवस्था कायम होती है, तो प्रोत्साहन और सम्मान से कार्य करने वालों का उत्साह बढ़ता है। उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में 1721 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति प्रदान की गई है, जबकि पूरे प्रदेश में पुलिस विभाग में 27500 से अधिक पदोन्नतियां हुई हैं।

