पर्यावरण संरक्षण के लिए नए सिरे से प्रयास करने का आह्वान इस पुस्तिका का एक मुख्य संदेश है। इसका अर्थ है कि हमें अपने जीवन जीने के तरीके में बुनियादी बदलाव लाने होंगे। हमें अपनी उपभोग की आदतों पर पुनर्विचार करना होगा, अपशिष्ट को कम करना होगा, और स्थायी प्रथाओं को अपनाना होगा। यह एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें हर व्यक्ति को अपना योगदान देना होगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल की सहायक प्राध्यापिका एवं वरिष्ठ लेखिका चित्रलेखा सोनी (कड़ेल) द्वारा संपादित पुस्तिका 'पर्यावरण एवं सतत् विकास' का विमोचन किया। इस पुस्तिका में प्रकृति के साथ सह- अस्तित्व को ही विकास का एकमात्र आधार बताया गया है, जो वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह प्रकाशन जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए नई जरूरतों को रेखांकित करता है। वर्तमान संदर्भों में, यह पुस्तिका पर्यावरण संरक्षण के लिए नए सिरे से प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर ज़ोर देती है। इसके विमोचन के अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी और संपादक मंडल के सदस्य भी उपस्थित थे, जो इस महत्वपूर्ण प्रकाशन के महत्व को दर्शाते हैं। पुस्तिका 'पर्यावरण एवं सतत् विकास' का संपादन चित्रलेखा सोनी (कड़ेल) ने किया है, जो अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल में सहायक प्राध्यापिका और एक वरिष्ठ लेखिका हैं। उन्होंने अपने संपादन में प्रकृति के साथ मानव के सह-अस्तित्व को विकास का मूल मंत्र बताया है। उनका मानना है कि सच्चा विकास वही है जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना हो। यह दृष्टिकोण आज की दुनिया के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, जहाँ विकास की दौड़ में पर्यावरण अक्सर पीछे छूट जाता है। सोनी ने इस पुस्तिका के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि कैसे हम प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर एक स्थायी भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। इस महत्वपूर्ण प्रकाशन में जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। यह पुस्तक पाठकों को यह समझने में मदद करती है कि कैसे वैश्विक तापमान में वृद्धि, मौसम के पैटर्न में बदलाव और प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति में वृद्धि हमारे जीवन को प्रभावित कर रही है। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए, पुस्तिका पर्यावरण संरक्षण के नए तरीकों और रणनीतियों पर भी ध्यान केंद्रित करती है। यह बताती है कि हमें न केवल मौजूदा पर्यावरण को बचाना है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ ग्रह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाने होंगे। पुस्तिका में वर्तमान संदर्भों में पर्यावरण संरक्षण के लिए नए सिरे से प्रयास किए जाने पर ज़ोर दिया गया है।

