खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार सीहोर जिलेभर में औषधी प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में हाल ही में जिले के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच की गई, जिसमें औषधी अधिनियम के कई गंभीर उल्लंघन पाए गए। नियमों की अनदेखी सामने आने पर प्रशासन ने मेसर्स एमआर मेडिकल भैरुंदा, मेसर्स गुरुदेव मेडिकल एजेंसी भैरुंदा, मेसर्स सांई विभु मेडिकल बुधनी और मेसर्स विनायक मेडिकल स्टोर्स बकतरा को नोटिस जारी कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। औषधि निरीक्षक किरण कुमार मगरे ने बताया कि जांच के दौरान इन मेडिकल संचालकों से औषधियों के क्रय-विक्रय के रिकॉर्ड सहित अन्य उल्लंघनों के संबंध में जवाब मांगा गया था, लेकिन संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब या रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रशासन के आदेशों और निर्देशों की इस प्रकार की लगातार अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए औषधी प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। नियमों का पालन न करने पर मेसर्स गुरुदेव मेडिकल एजेंसी भैरुंदा की मेडिकल अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई औषधी अधिनियम के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है। वहीं, गंभीर लापरवाही और जवाब न देने के कारण मेसर्स एमआर मेडिकल भैरुंदा, मेसर्स सांई विभु मेडिकल बुधनी और मेसर्स विनायक मेडिकल स्टोर्स बकतरा की अनुज्ञप्तियों को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है। इन प्रतिष्ठानों द्वारा औषधियों के भंडारण, विक्रय और रिकॉर्ड संधारण में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं, जिसके लिए उन्हें पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। जिलाधिकारी बालागुरू के तथा नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में कोई भी मेडिकल स्टोर नियमों का उल्लंघन न करे। यह कार्रवाई आम नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि रखने के प्रशासन के संकल्प को दर्शाती है। औषधी प्रशासन का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी मेडिकल स्टोर निर्धारित मानकों का पालन करें। जांच के दौरान औषधि निरीक्षकों की टीम ने दवाइयों के स्टॉक, एक्सपायरी डेट, बिलिंग प्रक्रिया और लाइसेंस की वैधता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की गहनता से पड़ताल की। कई दुकानों में दवाओं का रिकॉर्ड व्यवस्थित नहीं पाया गया, कुछ में एक्सपायर्ड दवाएं भी बेची जा रही थीं। इन गंभीर उल्लंघनों के चलते ही प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जिले के अन्य मेडिकल संचालकों में भी हड़कंप मच गया है।
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औषधी प्रशासन सख्त: सीहोर में चार मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित व निरस्त
22 अक्टूबर 2026 को 11:08 pm बजे
