कलेक्टर बालागुरू के. ने पशुपालन से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। गो-संवर्धन योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पशुपालकों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभागीय अधिकारी सक्रियता से काम करें। पशुपालन को किसानों की आय का अतिरिक्त और स्थायी स्रोत बनाने के लिए हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने चलित पशु चिकित्सा इकाइयों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। वाहनों की क्षेत्रवार आवाजाही, निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम और किसानों व पशुपालकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की निगरानी की जानी चाहिए। इन इकाइयों का मुख्य उद्देश्य दूरदराज के इलाकों में पशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, जिससे पशुधन की उत्पादकता बढ़ सके। कलेक्टर ने जोर दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम हितग्राही तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पशुपालकों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। पशुधन के स्वास्थ्य और उत्पादकता में सुधार के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें समय पर उचित सलाह और उपचार मिले। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना विशेष रूप से गोवंश के संवर्धन और संरक्षण पर केंद्रित है। इस योजना के तहत, पशुपालकों को उन्नत नस्ल की गायों की खरीद और उनके पालन-पोषण के लिए सहायता प्रदान की जाती है। कलेक्टर ने इस योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
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पशुपालन योजनाओं के लक्ष्य पूरे हों, चलित पशु चिकित्सा इकाइयों की निगरानी बढ़े: कलेक्टर
22 अक्टूबर 2026 को 11:08 pm बजे
