मेरठ की मुस्कान रस्तोगी और रविता कश्यप को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम का मामला एक बार फिर चर्चा में है। राजा की मां उमा रघुवंशी ने भी सोनम समेत अपने बेटे की हत्या के पांचों आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। तीनों मामलों में हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं समान हैं, लेकिन कानूनी जानकारों का कहना है कि हर मामले के तथ्य और कानूनी स्थिति अलग होती है, जिससे सजा का स्वरूप भी भिन्न हो सकता है। मुस्कान, रविता और सोनम के मामलों में BNS की धारा 103 (हत्या), धारा 61 (आपराधिक साजिश) और धारा 238 (सबूत मिटाना) जैसी समान धाराएं लगाई गई हैं। धारा 103 के तहत दोषसिद्धि होने पर मृत्युदंड या आजीवन कारावास के साथ जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, आपराधिक साजिश की सजा साजिश की प्रकृति, संबंधित अपराध और लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करती है। सबूत मिटाने से संबंधित सजा भी अपराध के प्रकार पर आधारित होती है। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को हुई थी। 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए और 22 मई को सोहरा पहुंचे। इसी दिन रात को वे नोंग्रियाट के होम स्टे में रुके। अगले दिन 23 मई को दोनों सोहरा पहुंचने से पहले लापता हो गए। 26 मई को राजा के भाई ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 2 जून 2025 को मेघालय की एक खाई से राजा का शव बरामद हुआ। 3 जून 2025 को सोहरा थाने में एफआईआर दर्ज हुई और 9 जून को गाजीपुर से सोनम को गिरफ्तार किया गया।
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राजा हत्याकांड में सोनम की सजा पर सबकी नजरें
18 अक्टूबर 2026 को 11:52 pm बजे

राजा हत्याकांड में सोनम की सजा पर सबकी नजरें
