किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की कमी न हो, इसके लिए विशेष प्रयास किए जाएं
रबी सीजन को देखते हुए विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा जल प्रदाय परियोजनाओं में गति लाने के निर्देश दिए गए
कमिश्नर दिलीप कुमार ने सागर संभाग में एक महत्वपूर्ण संभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विभिन्न विभागों के कार्यों की बारीकी से समीक्षा की गई। कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में जल संसाधन विभाग, म.प्र. विद्युत वितरण कंपनी, ऊर्जा विकास निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य रबी सीजन के लिए किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेना था। कमिश्नर ने विशेष रूप से विद्युत विभाग के कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया, खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने और पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के लिए थ्री-फेस निर्बाध विद्युत आपूर्ति पर जोर दिया और नवीन सब-स्टेशनों, फीडरों और विस्तार लाइनों की समीक्षा करते हुए विद्युत व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को सिंचाई में कोई परेशानी न हो। बैठक में जल प्रदाय परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान, कमिश्नर दिलीप कुमार ने जल निगम और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को शीघ्रता से पूरा कर हैंडओवर की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिन गांवों में अभी तक परियोजना से पानी नहीं पहुंचा है, वहां वैकल्पिक व्यवस्थाएं स्थापित करने का आदेश दिया गया। मोटर पंपों की मरम्मत का कार्य भी शीघ्रता से पूरा करने और बंद पड़ी जल प्रदाय परियोजनाओं को पुनः चालू करने पर जोर दिया गया। कमिश्नर ने उन जल परियोजनाओं की जानकारी मांगी जो बिजली की आपूर्ति न होने के कारण बंद पड़ी थीं, और काम न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित सिंचाई परियोजनाओं की जिलेवार समीक्षा में, कमिश्नर ने निर्माण कार्यों, जल की उपलब्धता और सिंचाई क्षमता का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं के तहत लंबित भू-अर्जन के प्रकरणों पर विशेष ध्यान दिया और निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए तथा प्रभावितों को मुआवजा वितरित किया जाए। इसके अतिरिक्त, सिंचाई परियोजनाओं में लंबित भुगतानों की एक सूची प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया गया। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिले और परियोजनाओं का कार्य समय पर पूरा हो। ऊर्जा विकास निगम द्वारा संचालित कुसुम परियोजना, प्रधानमंत्री कृषक मित्र योजना और पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति की भी बैठक में समीक्षा की गई। इन महत्वपूर्ण योजनाओं पर आवश्यक निर्देश दिए गए ताकि इनका क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सके और लाभार्थियों को इनका पूरा लाभ मिल सके।
