नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन घोषित किया, हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास विस्थापित किया जाएगा
भोपाल के न्यू मार्केट में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोला भटूरे दुकान के संचालक पर एफआईआर दर्ज की है। जांच में पाया गया कि दुकान संचालक की लापरवाही के कारण आग भड़की थी, क्योंकि भट्टी के पास कपड़े रखे थे। इस घटना के बाद नगर निगम अब न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर रहा है। हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट किया जाएगा। बालाजी छोला भटूरे की दुकान में 8 अक्टूबर को आग लगी थी, जिसने पास की 4 अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया था। इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि दुकान में जल रही भट्टी के पास रखे कपड़ों में आग लगी थी, जिसने तेजी से फैलकर आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को इस आग से नुकसान हुआ था। आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल की शिकायत के आधार पर यह एफआईआर दर्ज की गई है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर ने बताया कि आग लगने की शुरुआत भट्टी के पास रखे कपड़े से हुई थी, और अब इस मामले में दुकान संचालक की लापरवाही पर कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर, नगर निगम यह जांच कर रहा है कि दुकान में आग से बचाव के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं। अग्नि सुरक्षा के इंतजामों की जांच पूरी होने के बाद इस पहलू पर स्थिति स्पष्ट होगी। नगर निगम न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की दिशा में सक्रिय हो गया है। बुधवार को लगभग 3 घंटे तक मॉकड्रिल की गई, जिसमें 2 दमकलों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां-जहां दमकलें रुकीं, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। पिछले 8 अक्टूबर को आग लगने की घटना के समय दुकान के सामने रखे सामान के कारण दमकलें आगे नहीं बढ़ पाई थीं। गुरुवार को नगर निगम ने घोषणा की कि हॉकर्स को स्टेडियम के पास शिफ्ट कर लें, अन्यथा उनके सामान जब्त कर लिए जाएंगे। फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया कि कुछ दुकानों का निरीक्षण किया गया, जहां आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए। इन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। न्यू मार्केट में रात में भी कार्रवाई जारी रही। दुकानों के बाहर काउंटर पाए जाने पर 8 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। अतिक्रमण अधिकारी नासिर खान ने दुकानदारों को चेतावनी दी है कि वे अपना सामान निर्धारित सीमा में ही रखें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि गुरुवार से हॉकर्स की शिफ्टिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसे लेकर बुधवार को ही घोषणा कर दी गई थी। न्यू मार्केट को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है, और यहां रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। न्यू मार्केट में गुरुवार को भी मॉकड्रिल आयोजित की गई। नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की पुनः मार्किंग कर रहा है, जिसकी प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई थी। दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई है कि यदि उन्होंने पीली लाइन से आगे सामान रखा तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। न्यू मार्केट से रेहड़ियों को हटाने का काम भी जारी है। यह चिंता का विषय है कि जिस जगह पिछले सप्ताह आगजनी हुई थी, उससे मात्र 100 फीट की दूरी पर ही दो और छोले भटूरे की दुकानें खुली हुई हैं। इनके पास में ही दो से तीन नमकीन दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टी जलती रहती है। इस स्थिति में फिर से किसी बड़े हादसे की संभावना बनी हुई है। 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के दौरान दुकानदार और कर्मचारी सहित 3 लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई थी। आग की लपटों ने कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया था। जानकारी के अनुसार, शहर के चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए निगम ने 22 लाख रुपए का अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। हालांकि, जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान यह सिस्टम काम नहीं आया था। इसकी प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव न होने की बातें सामने आई हैं। शहर के जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड, घोड़ा नक्कास जैसे 8 प्रमुख बाजारों में भी यही स्थिति बनी हुई है। आग लगने या किसी बड़े हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन नियमित जांच और रखरखाव का अभाव बना रहता है। बैरागढ़ में भी दिखावटी सुरक्षा इंतजाम देखने को मिले। 17 दिसंबर 2017 को संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 100 से ज्यादा कपड़ा दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। इसके बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश जारी किए गए थे। सिस्टम तो लगा दिया गया, लेकिन उसका रखरखाव ठीक से नहीं हुआ।

