इच्छुक अस्थाई पटाखा विक्रेता 29 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यह निर्णय दीपावली पर्व के दृष्टिगत आमजन की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि, अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी विशेष रूप से मौजूद रहे।
दीपावली पर्व के मद्देनजर आमजन की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पटाखों की बिक्री और उपयोग के संबंध में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि और अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट किया कि पटाखों की बिक्री, निर्माण और उपयोग में निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कैल्शियम कार्बाइड का पटाखे बनाने, बेचने अथवा चलाने में किसी भी स्थिति में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इसके उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है। जिले में अस्थाई पटाखा दुकानें लगाने के इच्छुक विक्रेताओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा 29 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगी। कलेक्टर यादव ने बताया कि इच्छुक विक्रेता 29 अक्टूबर 2026 तक शासन के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। वर्तमान में जिले में अस्थाई पटाखा विक्रय के लिए 249 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुलिस सत्यापन के उपरांत संबंधित एसडीएम द्वारा लाइसेंस जारी किए जाएंगे। अस्थाई पटाखा दुकानों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक होगा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि दुकानों के बीच की दूरी 3 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। साथ ही, संरक्षित स्थलों से कम 50 मीटर की दूरी रखी जानी चाहिए। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि दुकानें आमने-सामने न लगाई जाएं। दुकानों के निर्माण में अज्वलनशील सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि आगजनी जैसी घटनाओं की आशंका को न्यूनतम किया जा सके। सभी सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार दुकानों का एकरूप लेआउट तैयार करें। इससे दुकानों की व्यवस्था व्यवस्थित रहेगी और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो सकेगा। एसडीएम, एसडीओपी, टीआई और सीएमओ संयुक्त रूप से स्थल चयन की प्रक्रिया संपन्न करेंगे। कलेक्टर यादव ने बताया कि अस्थाई पटाखा दुकानों के लिए उपखंड स्तर पर एसडीएम, एसडीओपी, थाना प्रभारी और संबंधित सीएमओ मिलकर सुरक्षित स्थानों का चिन्हांकन करेंगे। निर्धारित स्थलों पर ही पटाखा दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त अन्य स्थानों पर दुकानें लगाने की अनुमति कतई नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुकान लगाने के इच्छुक सभी विक्रेताओं को विधिवत आवेदन करना आवश्यक है। पुलिस सत्यापन के बाद ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे। दुकानों का आवंटन पूरी तरह से लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। लॉटरी में प्राप्त दुकान नंबर के अनुसार संबंधित विक्रेता को दुकान आवंटित की जाएगी। कलेक्टर ने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि दुकान आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समानता के आधार पर संपन्न कराई जाएगी। किसी भी विक्रेता को दुकान के स्थान अथवा उसकी स्थिति को लेकर भेदभाव की शिकायत का अवसर नहीं मिलना चाहिए। लॉटरी के माध्यम से दुकान नंबर आवंटित करने का मुख्य उद्देश्य सभी आवेदकों को समान अवसर प्रदान करना है।
