उज्जैन के महाकाल मंदिर में सुरक्षा छोड़कर अन्य सभी व्यवस्थाएं आउटसोर्स होंगी, 25 करोड़ का ई-टेंडर जारी किया गया है
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए करीब 25 करोड़ रुपए सालाना अनुमानित लागत का एक बड़ा ई-टेंडर जारी किया गया है। इस टेंडर के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के कामों के लिए बाहरी एजेंसियों से कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएंगे। चयनित एजेंसी को मंदिर प्रबंध समिति की विभिन्न इकाइयों और प्रकल्पों में कुशल और अकुशल दोनों तरह के कर्मचारियों की सेवाएं देनी होंगी। इन जिम्मेदारियों में श्रद्धालुओं से सीधे जुड़ी व्यवस्थाएं, जैसे कि सहायता डेस्क, साफ-सफाई, और अन्य संचालन संबंधी कार्य शामिल हो सकते हैं। कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और उन्हें विभिन्न कार्यों में कैसे तैनात किया जाएगा, यह सब टेंडर की शर्तों के अनुसार तय किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण टेंडर में भाग लेने वाली एजेंसियों के लिए 75 लाख रुपए की अमानत राशि निर्धारित की गई है। साथ ही, टेंडर दस्तावेज प्राप्त करने के लिए 50 हजार रुपए की फीस रखी गई है। इतनी बड़ी राशि के टेंडर में एजेंसियों की आर्थिक क्षमता और उनकी तकनीकी योग्यता जैसे मापदंडों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महाकाल लोक के निर्माण के बाद से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे मंदिर परिसर की साफ-सफाई, श्रद्धालुओं की सहायता, और विभिन्न प्रकल्पों के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस टेंडर का मुख्य उद्देश्य इन सभी गैर-सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं के लिए एक ही एजेंसी के माध्यम से व्यवस्थित मानव संसाधन उपलब्ध कराना है। टेंडर प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नियुक्त किए जाने वाले कर्मचारियों की कुल संख्या, उनके द्वारा किए जाने वाले कार्य, और उन्हें मिलने वाला वेतन स्पष्ट रूप से परिभाषित हो। इसके अतिरिक्त, एजेंसी द्वारा ली जाने वाली सर्विस चार्ज की दरें, कर्मचारियों की डिजिटल या बायोमेट्रिक उपस्थिति का रिकॉर्ड, उनके काम की निगरानी की व्यवस्था, और काम की गुणवत्ता से संबंधित शर्तें भी टेंडर का अहम हिस्सा होंगी। मंदिर समिति वर्तमान में लड़्डू निर्माण और श्रद्धालुओं के सामान व मोबाइल लॉकर जैसी सुविधाओं के प्रबंधन के लिए भी अलग से टेंडर प्रक्रियाएं चला रही है।
