ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद अलग रजिस्टर में टोकन एंट्री, वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने पंजीयक कार्यालय में अनियमितताओं की शिकायत पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में संपदा 2.0 पोर्टल पर ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद एक अलग रजिस्टर में टोकन संबंधी प्रविष्टियां किए जाने का मामला सामने आया। कलेक्टर ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए रजिस्टर जब्त कराने के निर्देश दिए और मामले में आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों और किसानों को राहत देने के लिए रजिस्ट्री कार्यालयों में शुल्क संबंधी सूचना बोर्ड लगवाए जाएंगे। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि आमजनों से भूमि स्वामी के नाम के आगे 'उर्फ' लगाकर या मिलते-जुलते नामों और दस्तावेजों का उपयोग कर जमीन विक्रय कराने जैसी शिकायतें मिल रही थीं। ऐसी अनियमितताओं से वास्तविक भूमि स्वामी के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने भूमि के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों की जांच और पंजीयन प्रक्रिया में नियमों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। नजूल भूमि एवं पट्टे की भूमि के हस्तांतरण में आवश्यक अनुमति के बिना विक्रय की शिकायतें भी सामने आई थीं। इसके अतिरिक्त, कॉलोनियों में मकानों का पंजीयन मकान के बजाय केवल भूखंड के रूप में दर्शाने की शिकायतें मिली थीं, जिससे शासन को स्टाम्प ड्यूटी सहित अन्य राजस्व की हानि होने की आशंका रहती है। यादव ने निरीक्षण के दौरान पाया कि शासन द्वारा संपदा 2.0 पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था लागू है, जिसमें टोकन बुकिंग और जनरेशन ऑनलाइन होता है। कलेक्टर ने इस पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए।

