मध्य प्रदेश सरकार ने देश में एक नया कदम उठाते हुए राज्य के चार प्रमुख महानगरों में त्वरित न्यायिक प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में इस व्यवस्था के लागू होने से अब गंभीर मुकदमों का निपटारा तेजी से किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए इस बात की जानकारी दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस संबंध में घोषणा किए जाने के ठीक बाद राज्य सरकार ने त्वरित न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा नोटिफिकेशन तुरंत जारी कर दिया था। इस पहल के तहत मामलों की सुनवाई पूरी करके 3 महीने के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य के कार्यवाहक चीफ जस्टिस ने भी इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए जरूरी आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नीट परीक्षा के मसले पर बोलते हुए कहा कि सरकार की पूरी सहानुभूति विद्यार्थियों के साथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर तुरंत कड़े कदम उठाए गए और परीक्षा को निरस्त किया गया। आने वाले समय में पूरी पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्था के साथ परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए ठोस कार्य किए जा रहे हैं। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक विस्तार पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्र और राज्य सरकार के आंकड़े सामने रखे। उन्होंने बताया कि देश में पहले जहां 641 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में यह संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। देशभर में मेडिकल की सीटों का दायरा भी काफी बड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जानकारी दी कि पहले जहां देश में लगभग 50 हजार सीटें थीं थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1 लाख से अधिक हो चुकी है।
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मध्य प्रदेश में चारों महानगरों में त्वरित न्यायालयों की शुरुआत हुई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में पत्रकारों से चर्चा के दौरान दी जानकारी
शहर रिपोर्टर26 जुलाई 2026 को 5:50 am बजे
