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संभागायुक्त आशीष सिंह ने सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण और जल संसाधन विभाग द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट, अपर आयुक्त नगर निगम संतोष टेगौर, अपर मेला अधिकारी ओमप्रकाश सनोडिया, उप मेला अधिकारी संदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। संभागायुक्त ने सभी कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा सिंहस्थ के प्रमुख कार्यों में चौराहों का विकास, मंगलनाथ मंदिर, कालभैरव मंदिर, अंगारेश्वर-सिद्धवट का विकास, अंकपात से खाक चौक तक चौड़ीकरण, शक्करवासा से छोटी रपट पंचक्रोशी मार्ग, कालिदास अकादमी में डोम शेड निर्माण और शनि मंदिर से जीवनखेड़ी तक सड़क निर्माण शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया और उन्हें समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। कान्ह डायवर्सन का 71 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। संभागायुक्त ने इस कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त मशीनें लगाने और इसे 30 मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। यह परियोजना उज्जैन शहर के जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, विशेषकर बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। जिला चिकित्सालय के सामने बन रहे मेडिकल कॉलेज का कार्य भी 68 प्रतिशत पूरा हो चुका है। मेडिकल कॉलेज की एकेडमिक बिल्डिंग, हॉस्पिटल और हॉस्टल आदि का निर्माण कार्य जून माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने में सहायक होगी।
यह व्यवस्था कार्यों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए की गई है। कान्ह डायवर्सन के साथ-साथ सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी डेम निर्माण और घाट निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के जल संसाधन प्रबंधन और पर्यटन को बढ़ावा देना है। संभागायुक्त ने संबंधित विभागों को इन कार्यों की प्रगति पर पैनी नजर रखने और किसी भी बाधा को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर संभागायुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने संभागायुक्त को आश्वस्त किया कि वे सभी निर्देशों का पालन करेंगे और परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी को रोकने के लिए निरंतर निगरानी रखी जाएगी। यह महत्वपूर्ण बैठक सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन को तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन सड़कों पर इलेक्ट्रिकल शिफ्टिंग और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्य होने हैं, वहां सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक शटडाउन लिया जा सकता है। हालांकि, शटडाउन से पहले संबंधित उपभोक्ताओं को इसकी सूचना अनिवार्य रूप से दी जानी चाहिए ताकि उन्हें असुविधा न हो।
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