नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू को हाईकोर्ट से पैरोल मिलने के बाद वे एक बार फिर उज्जैन पहुंचे हैं। आसाराम बापू स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए उज्जैन आए हैं और दो दिन से शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेदिक चिकित्सालय में पंचकर्म के जरिए स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। इससे पहले भी वे मार्च 2025 में अपना इलाज कराने के लिए शहर आए थे। धन्वंतरि आयुर्वेदिक चिकित्सालय के सूत्रों के अनुसार, आसाराम बापू बीते दो दिन से पंचकर्म पद्धति से इलाज करवा रहे हैं। गुरुवार सुबह आसाराम का काफिला शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेदिक अस्पताल पहुंचा। अस्पताल में आसाराम करीब एक से डेढ़ घंटे तक रुके। शुक्रवार को भी आसाराम आयुर्वेदिक अस्पताल पहुंचेंगे। आसाराम बापू को करीब एक सप्ताह तक पंचकर्म कराने के लिए रोजाना अस्पताल आना होगा। आयुर्वेदिक अस्पताल के डॉ. नरेंद्र मिश्रा आसाराम का इलाज कर रहे हैं। आसाराम बापू के उज्जैन पहुंचने की खबर लगते ही अंकपात रोड स्थित आश्रम में उनके अनुयायियों की भीड़ जुटना शुरू हो गई है। अंकपात रोड स्थित आश्रम में अनुयायियों की भीड़ जुटने लगी है। आसाराम बापू शरद पूर्णिमा तक उज्जैन में रह सकते हैं। यह पहली बार नहीं है जब आसाराम बापू इलाज के लिए उज्जैन आए हैं। इससे पहले भी वे कई बार यहां आकर स्वास्थ्य लाभ ले चुके हैं। धन्वंतरि आयुर्वेदिक चिकित्सालय उज्जैन में पंचकर्म एक विशेष उपचार पद्धति है, जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। इस पद्धति में शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाला जाता है और शरीर को पुनर्जीवित किया जाता है। आसाराम बापू को यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उन्हें गुजरात की एक अदालत ने यह सजा सुनाई थी। आसाराम बापू ने अपनी सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसके बाद उन्हें पैरोल पर रिहा किया गया है। पैरोल पर रिहा होने के बाद आसाराम बापू का पहला पड़ाव उज्जैन रहा है, जहाँ वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आयुर्वेदिक उपचार ले रहे हैं। उनके अनुयायी भी उनसे मिलने के लिए आश्रम में जुटने लगे हैं, जो उनकी भक्ति और आस्था का प्रतीक है। डॉ. नरेंद्र मिश्रा, जो आसाराम बापू का इलाज कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि पंचकर्म पद्धति से इलाज में समय लगता है, लेकिन यह शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। इस उपचार से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और व्यक्ति को नई ऊर्जा मिलती है। आसाराम बापू के आश्रम में समर्थकों की भीड़ जुटने से स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर आश्रम के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अनुयायियों को शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैलाने की हिदायत दी गई है। शरद पूर्णिमा तक आसाराम बापू के उज्जैन में रहने की संभावना है। इस दौरान वे नियमित रूप से धन्वंतरि आयुर्वेदिक चिकित्सालय में पंचकर्म उपचार लेंगे। उनके अनुयायियों को उम्मीद है कि इस उपचार से उन्हें जल्द ही पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। यह मामला पिछले कई सालों से चर्चा में रहा है। आसाराम बापू को गिरफ्तार करने के बाद से ही उनके समर्थक लगातार उनके समर्थन में आवाज उठाते रहे हैं। पैरोल मिलने के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। धन्वंतरि आयुर्वेदिक चिकित्सालय अपने विशेष पंचकर्म उपचार के लिए प्रसिद्ध है। यहां देश-विदेश से लोग इलाज कराने आते हैं। आसाराम बापू का यहां पहले भी इलाज हो चुका है, जिससे वे इस संस्थान पर भरोसा करते हैं। आसाराम बापू के अनुयायी उन्हें एक संत मानते हैं और उनके प्रति गहरी आस्था रखते हैं। वे मानते हैं कि आसाराम बापू निर्दोष हैं और उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। इसी विश्वास के चलते वे उनकी रिहाई पर खुशी मना रहे हैं। कानूनी तौर पर, आसाराम बापू को पैरोल पर रिहा किया गया है, जिसका अर्थ है कि वे कुछ समय के लिए जेल से बाहर रह सकते हैं। यह रिहाई उनके स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए दी गई है, ताकि वे अपना इलाज करा सकें। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आसाराम बापू का यह प्रवास कितना लंबा चलता है और वे कब तक स्वास्थ्य लाभ ले पाते हैं। उनके अनुयायियों की भीड़ और उनकी आस्था को देखते हुए, यह मामला भविष्य में भी चर्चा का विषय बना रह सकता है।
समाचार
आसाराम बापू को पैरोल मिली, स्वास्थ्य लाभ के लिए उज्जैन के आयुर्वेदिक अस्पताल में भर्ती
22 अक्टूबर 2026 को 11:08 pm बजे
आसाराम बापू को पैरोल मिली, स्वास्थ्य लाभ के लिए उज्जैन के आयुर्वेदिक अस्पताल में भर्ती
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