सीहोर के बाल विहार मैदान में विजयदशमी का दशहरा उत्सव इस बार मौसम की चुनौती के बीच भी सुरक्षित रहा। तेज बारिश के बावजूद रावण का वाटरप्रूफ पुतला पूरी तरह से सुरक्षित रहा, हालांकि तेज हवाओं के कारण उसके नौ सिर थोड़े झुक गए थे, जिन्हें बाद में ठीक कर दिया गया। इस बार पुतलों को विशेष रूप से रेनप्रूफ बनाया गया था ताकि खराब मौसम का उन पर असर न पड़े। छावनी दशहरा उत्सव समिति ने इस बार रावण और मेघनाद के पुतले स्थापित किए हैं। मुंबई से आए कलाकार सतरंगी आतिशबाजी का प्रदर्शन करेंगे, जो उत्सव का एक प्रमुख आकर्षण होगा। इस कार्यक्रम में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा मुख्य आशीर्वाददाता के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन मौसम की चुनौतियों के बावजूद पूरी भव्यता के साथ संपन्न होगा। समिति के मुख्य संरक्षक जसपाल सिंह अरोरा और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अमिता अरोरा भी इस उत्सव में विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगी। उनके आगमन से कार्यक्रम की शोभा और बढ़ेगी। सीहोर के बाल विहार मैदान में विजयदशमी पर दशहरा उत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दशहरा उत्सव के तहत रावण दहन से पहले एक भव्य राम बारात निकाली जाएगी। यह बारात सिद्ध हनुमान मंदिर से शुरू होगी और इसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और वानर सेना की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। यह झांकियां लोगों के बीच उत्साह का संचार करेंगी। राम बारात के बाद दशहरा उत्सव का मुख्य आकर्षण रावण दहन का कार्यक्रम होगा। इस वर्ष भी रावण के पुतले का दहन किया जाएगा, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
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सीहोर में मौसम की चुनौती के बीच पुतला सुरक्षित
20 अक्टूबर 2026 को 10:29 pm बजे

सीहोर में मौसम की चुनौती के बीच पुतला सुरक्षित
