सीहोर जिले के इछावर नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार को हुई परिषद की बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ। वार्ड में विकास कार्यों की अनदेखी और जानकारी न मिलने से नाराज पार्षद जुनैद खान ने बैठक कक्ष के बाहर जमीन पर बैठकर धरना दिया। इस दौरान उनकी सीएमओ से भी तीखी बहस हुई। पार्षद जुनैद खान का आरोप है कि उन्होंने अपने वार्ड के विकास कार्यों, जिसमें रोड और पुल निर्माण शामिल हैं, से जुड़ी जानकारी कई बार सीएमओ से मांगी थी। आरटीआई के तहत भी पिछले 30 दिनों में कोई जवाब नहीं मिला। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने परिषद की बैठक का विरोध किया। पार्षद जुनैद खान ने न केवल विकास कार्यों की जानकारी न मिलने पर नाराजगी जताई, बल्कि उन्होंने सफाई कर्मचारियों के 4 साल से रुके पीएफ और अन्य भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वे इन कर्मचारियों के हक की लड़ाई में उनके साथ हैं और उनके साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस विरोध के चलते परिषद कार्यालय में देर रात तक माहौल गरमाया रहा। पार्षद जुनैद खान ने विरोध जताने के लिए अपनी शर्ट उतार दी और जमीन पर बैठकर धरना दिया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता और विकास कार्यों की जानकारी नहीं दी जाती, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। यह स्थिति इछावर नगर परिषद के कामकाज पर सवाल खड़े करती है और जनप्रतिनिधियों की समस्याओं के प्रति प्रशासन की उदासीनता को उजागर करती है। बैठक के दौरान, पार्षद खान ने विशेष रूप से उन सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों पर जोर दिया, जिन्हें उनके वार्ड में प्राथमिकता दी जानी थी, लेकिन जिन पर कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि इन परियोजनाओं की धीमी गति या पूर्ण अभाव ने उनके निर्वाचन क्षेत्र के निवासियों के लिए महत्वपूर्ण असुविधा पैदा की है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी को भी दबा दिया गया, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का संकेत मिलता है। सफाई कर्मचारियों के वित्तीय मामलों पर पार्षद का हस्तक्षेप इस बात पर प्रकाश डालता है कि स्थानीय निकाय में कर्मचारियों के कल्याण के मुद्दों को कैसे उपेक्षित किया जा रहा है। चार साल की अवधि में पीएफ और अन्य वैधानिक भुगतानों में देरी न केवल वित्तीय कुप्रबंधन का संकेत देती है, बल्कि उन कर्मचारियों के भरोसे को भी दर्शाती है जो निकाय की सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। पार्षद खान ने इन कर्मचारियों के लिए न्याय की मांग की और आश्वासन दिया कि वह उनके अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। इस हंगामे और धरने के कारण नगर परिषद की बैठक बाधित हुई और एजेंडे पर चर्चा नहीं हो सकी।
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विकास कार्यों की अनदेखी पर पार्षद का धरना, सीएमओ से तीखी नोकझोंक, बैठक में हंगामा
23 अक्टूबर 2026 को 11:03 pm बजे
विकास कार्यों की अनदेखी पर पार्षद का धरना, सीएमओ से तीखी नोकझोंक, बैठक में हंगामा
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