विद्युत विभाग की टीमों ने सुबह 5 बजे तक किया मुस्तैदी से कार्य
दमोह जिले सहित शहर में दशहरा चल समारोह का आयोजन सुचारू विद्युत आपूर्ति के साथ निर्विघ्न संपन्न हुआ। विद्युत विभाग की टीमों ने पूरी रात मुस्तैदी दिखाते हुए कार्य किया, जिसके चलते उत्सव के दौरान कहीं भी बिजली की समस्या उत्पन्न नहीं हुई। इस सफलता के पीछे विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की अथक मेहनत और समय पर की गई व्यवस्थाएं थीं। इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए, अधीक्षण अभियंता-दमोह द्वारा जिले के सभी वितरण केंद्र प्रभारियों की एक बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दशहरा चल समारोह के दौरान विद्युत आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए। किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता थी कि उत्सव में किसी भी तरह का व्यवधान बिजली की कमी के कारण न हो। अधीक्षण अभियंता दमोह ने स्वयं कार्यपालन अभियंता, दक्षिण संभाग-दमोह के साथ मिलकर दमोह शहर के दुर्गा विसर्जन स्थल, फुटेरा तालाब, और दशहरा चल समारोह के पूरे मार्ग का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हों और बिजली की आपूर्ति किसी भी बिंदु पर बाधित न हो। उन्होंने संभावित समस्याओं का पहले से ही आकलन किया और उन्हें दूर करने के लिए कदम उठाए। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने सहायक अभियंता (मेनटेनेंस) दमोह तथा लाइन कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए। इन निर्देशों में यह सुनिश्चित करना शामिल था कि दशहरा चल समारोह के मार्ग पर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बिजली की आपूर्ति लगातार बनी रहे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने और त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहने को कहा गया था। विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इन निर्देशों का अक्षरशः पालन किया। उन्होंने पूरी रात सतर्कता बनाए रखी और अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। उनकी मुस्तैदी का ही परिणाम था कि दशहरा चल समारोह के दौरान बिजली की आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं आया। यह उनके उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन का प्रमाण था। यह सुनिश्चित करने के लिए कि बिजली आपूर्ति में कोई समस्या न आए, विद्युत विभाग ने विशेष रूप से 5 बजे तक कार्य पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया था। इसका मतलब था कि सुबह जल्दी उठकर या रात भर जागकर भी, वे यह सुनिश्चित कर रहे थे कि उत्सव के समय तक सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हों। यह आम जनता के लिए एक बड़ी राहत थी, क्योंकि वे बिना किसी चिंता के उत्सव का आनंद ले सके। दमोह जिले में इस तरह के बड़े आयोजनों के दौरान बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। दशहरा चल समारोह जैसे आयोजनों में, जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं और विभिन्न प्रकार की लाइटों और साउंड सिस्टम का उपयोग होता है, बिजली की निरंतर आपूर्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है।
