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भोपाल में सड़क निर्माण कार्य के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन पर यातायात पुलिस ने कार्रवाई की है। रत्नागिरी से आशाराम तिराहे तक सड़क निर्माण कर रही रवि इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के डंपरों को प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचने पर चालानी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। आरोप है कि कंपनी के कुछ भारी वाहन सड़क के बीच में खड़े पाए गए, जिससे दूसरे वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो रहा था। निर्माण कार्य के लिए कंपनी को यातायात पुलिस के डीसीपी कार्यालय से निर्धारित संख्या में डंपरों के संचालन की अनुमति मिली थी। हालांकि, आरोप है कि निर्धारित संख्या से अधिक डंपर प्रतिबंधित स्थानों पर पहुंच रहे थे। सड़क के बीच भारी वाहनों के खड़े होने से यातायात प्रभावित होने और दुर्घटना की आशंका बढ़ने की स्थिति में पुलिस ने ऐसे वाहनों को रोककर कार्रवाई की। यातायात पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना और नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगाना है। आशाराम तिराहे से रत्नागिरी तिराहे तक बन रही छह लेन सड़क भोपाल में अयोध्या बायपास के छह लेन निर्माण और सर्विस रोड का काम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक बड़ी परियोजना का हिस्सा है। एनएचएआई के उपलब्ध परियोजना रिकॉर्ड के अनुसार, इस हिस्से की कुल लंबाई लगभग 16.44 किलोमीटर है और परियोजना की स्वीकृत लागत लगभग 836.91 करोड़ रुपये दर्ज है। इस परियोजना के तहत हो रहे निर्माण कार्य के दौरान डंपरों और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही को सुव्यवस्थित रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आम लोगों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न आए। विशेष रूप से संकरी सड़कों, चौराहों और अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश या सड़क पर खड़े रहने से दुर्घटनाओं का जोखिम काफी बढ़ सकता है। राजधानी भोपाल में सड़क और फ्लाईओवर निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और निर्माण एजेंसियों दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। गांधीनगर क्षेत्र में की गई यह कार्रवाई इसी जटिल समस्या का एक हिस्सा है।
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