कलेक्टर आदित्य सिंह 23 अक्टूबर की सुबह अचानक नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र के मोहनपुर, कुल्पा, पालागोंदी और चालिसबोड़ी गांवों में पहुंचे। उन्होंने इन गांवों में चल रहे स्कूलों, कन्या छात्रावास और विकास कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर सिंह ने सबसे पहले ग्राम मोहनपुर के हायर सेकेंडरी स्कूल का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल तक पहुंचने वाले मार्ग और स्कूल की बाउंड्रीवॉल के निर्माण के लिए तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति जल्द जारी करने के आदेश दिए। ग्राम मोहनपुर में स्थित कन्या छात्रावास का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने वहां की व्यवस्थाओं और परिसर की बागवानी की सराहना की। उन्होंने छात्रावास अधीक्षिका श्यामवती उपवंशी के कार्यों को महत्व देते हुए उन्हें एक नवंबर को होने वाले मध्य प्रदेश स्थापना दिवस समारोह में सम्मानित करने की घोषणा की। छात्रावास के सामने खाली पड़ी जमीन को समतल कर खेल का मैदान बनाने, छात्राओं की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल पर कंटीले तार लगाने और उन्हें बेहतर कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए। इसके साथ ही, मोहनपुर-लत्ता मार्ग के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने के आदेश दिए गए। ग्राम मोहनपुर में विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर सिंह ने मोहनपुर और लत्ता को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। वार्ड क्रमांक-2 में छह महीने से खराब पड़े दो हैंडपंपों की शिकायत पर, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर हैंडपंपों की मरम्मत सुनिश्चित करने का आदेश दिया। ग्राम कुल्पा में, कलेक्टर ने प्रस्तावित 200 मीटर लंबी सीमेंट कंक्रीट सड़क के निर्माण के लिए तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। ग्राम पालागोंदी के बैगा मोहल्ले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क इकाई द्वारा 1200 मीटर लंबी सड़क और पुलिया का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसका कलेक्टर ने निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, ग्राम चालिसबोड़ी में निर्माणाधीन पुलिया का भी जायजा लिया गया। कलेक्टर आदित्य सिंह ने भ्रमण के दौरान अधिकारियों को नक्सल प्रभावित सभी गांवों में किसान चौपाल और ग्राम सभाओं का नियमित आयोजन करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका प्रभावी ढंग से निराकरण करना है। उन्होंने नक्सल प्रभावित सभी 100 गांवों में ई-लाइब्रेरी स्थापित करने के आदेश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। इन उपायों से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार होगा।
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कलेक्टर ने नक्सली गांवों का किया निरीक्षण
23 अक्टूबर 2026 को 11:03 pm बजे

कलेक्टर ने नक्सली गांवों का किया निरीक्षण
