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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कान्हा नेशनल पार्क को एशिया का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य बताया है। उन्होंने कहा कि यह पार्क बाघ, चीता, लकड़बग्घा और हाथियों सहित कई वन्यजीवों का घर है। मुख्यमंत्री ने वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों से अपील की कि वे इन प्राणियों के प्राकृतिक जीवन को देखने के लिए कान्हा नेशनल पार्क अवश्य आएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मध्य प्रदेश की धरती पर सभी जीव-जंतुओं को उनके प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र रूप से विचरण करने की पूरी आजादी है। प्रदेश में बारहसिंगा को पुनर्जीवन मिलना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि यह प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्बसाहट परियोजना बड़ी सफलता के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री यादव ने यह जानकारी सोमवार को मंडला जिले के कान्हा किसली में स्थानीय मीडिया से बातचीत के दौरान दी। मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा के सहयोग से मध्य प्रदेश में जंगली भैंसों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई है। रविवार को ही 6 मादा और 2 नर जंगली भैंसों को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया है। यह राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के जंगलों में बाघ, चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल और गिद्धों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। इन वन्यजीवों की बढ़ती संख्या मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है और राज्य का गौरव बढ़ा रही है।
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