चार माह के बच्चे केशव का जन्मजात कटे होंठ और तालू की गंभीर समस्या का निःशुल्क सफल ऑपरेशन कराकर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सीहोर जिले की आरबीएसके अर्बन टीम ने उसे स्वस्थ जीवन की ओर लौटाया। खजूरी (टिटोरा) गांव निवासी केशव अब पूरी तरह स्वस्थ है। जन्म से ही कटे होंठ की समस्या के कारण उसके उपचार की आवश्यकता थी, जिसे समय पर पहचानकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आगे की चिकित्सा व्यवस्था कराई। केशव के उपचार में आरबीएसके अर्बन टीम के नर्सिंग स्टाफ और सहयोगी कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समन्वित प्रयासों से बच्चे का ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क कराया गया। जन्मजात कटे होंठ और तालू की समस्या बच्चे के जन्म के समय मौजूद गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में शामिल होती है और इसके लिए समय पर चिकित्सकीय उपचार आवश्यक होता है। केशव के मामले में उपचार मिलने के बाद उसकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ और वह अब पूरी तरह स्वस्थ बताया गया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों में जन्मजात विकृतियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे बच्चों को उपचार से जोड़ना है, ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्या उनके जीवन में स्थायी बाधा न बने और वे स्वस्थ जीवन जी सकें। केशव का उपचार इसी उद्देश्य के तहत कराया गया। चार माह की उम्र में हुए इस उपचार ने उसके परिवार को उसके बेहतर भविष्य की उम्मीद दी है। इस सफलता के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया, आरबीएसके नोडल अधिकारी डॉ. अंकित और डीईआईएम टीएन शर्मा के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया गया है। उनके मार्गदर्शन में आरबीएसके अर्बन टीम ने बच्चे की स्थिति पर ध्यान दिया और उपचार की व्यवस्था को आगे बढ़ाया। इस पूरी प्रक्रिया में सीहोर की आरबीएसके अर्बन टीम का नर्सिंग स्टाफ भी शामिल रहा। उपचार में आरबीएसके अर्बन टीम की डॉ. मरियम हुसैन, डॉ. भरत चौधरी और फार्मासिस्ट प्रियंका राठौर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम के इन सदस्यों ने बच्चे के उपचार से जुड़े प्रयासों में सहभागिता की, जिसके परिणामस्वरूप केशव का ऑपरेशन सफलतापूर्वक कराया जा सका। ऑपरेशन के बाद उसके पूरी तरह स्वस्थ होने की जानकारी सामने आई है। केशव का मामला यह भी सामने लाता है कि जन्मजात स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान और उपचार क्यों जरूरी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ऐसे बच्चों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। कार्यक्रम के माध्यम से जन्मजात विकृतियों के साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान की जाती है और बच्चों को उचित उपचार से जोड़ा जाता है। सीहोर जिले में आरबीएसके अर्बन टीम के प्रयास से चार माह के केशव को इसी व्यवस्था के तहत निःशुल्क उपचार मिला और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।
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सीहोर: आरबीएसके टीम ने बच्चे का कटे होंठ-तालू ऑपरेशन कर दी नई जिंदगी
21 अक्टूबर 2026 को 10:46 pm बजे

सीहोर: आरबीएसके टीम ने बच्चे का कटे होंठ-तालू ऑपरेशन कर दी नई जिंदगी
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