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मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इन दिनों अपने अधिकार क्षेत्र में निम्नदाब के गैर-घरेलू और औद्योगिक (पॉवर) उपभोक्ताओं के परिसरों में एक सघन जाँच अभियान चला रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत भार (लोड) में की गई अनधिकृत वृद्धि को पकड़ना है। कंपनी का लक्ष्य उपभोक्ताओं को बिजली के भार में वृद्धि को स्वेच्छा से स्वीकृत कराने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे जुर्माने से बच सकें। इस संबंध में, कंपनी ने अपने पोर्टल पर स्वेच्छिक ऑनलाइन आवेदन कर भार वृद्धि कराने की अपील की है। विद्युत भार को बिजली कंपनी में नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति के परिसर में निर्धारित लोड सर्वे के आधार पर तय किया जाता है। यह भार, जिसे संयोजित भार या कनेक्टेड लोड कहा जाता है, विद्युत प्रणाली से जुड़ा होता है। उपभोक्ताओं द्वारा कनेक्शन लेने के बाद अपने परिसर में नए उपकरण स्थापित कर भार बढ़ा लिया जाता है। यदि इस बढ़े हुए भार को बिजली कंपनी के कार्यालय में स्वीकृत नहीं कराया जाता है, तो जाँच के दौरान यह भार वृद्धि का प्रकरण बन जाता है, जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ता को भारी जुर्माना भरना पड़ता है। जाँच के दौरान यदि किसी उपभोक्ता के परिसर में अनधिकृत भार वृद्धि पाई जाती है, तो उस पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इस प्रावधान के तहत, बढ़े हुए भार की अनुपातिक खपत पर दोगुनी दर से शुल्क वसूला जाता है। इसके अतिरिक्त, विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के अंतर्गत, अतिरिक्त भार पाए जाने पर, उसे संयोजित करने की तिथि से लेकर बढ़ी हुई खपत पर दोगुनी दर से पेनाल्टी लगाने का भी प्रावधान है। यह उपभोक्ताओं को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करता है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह करती है कि वे बिजली कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल (8888/होमे) पर ऑनलाइन आवेदन कर अपनी भार वृद्धि स्वीकृत करा लें। इस ऑनलाइन आवेदन में उपयोग किए जा रहे सभी विद्युत उपकरणों और उनके भार की विस्तृत जानकारी देना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया से बिजली चोरी पर भी अंकुश लगता है।
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