नगर निगम ने 78 सहित कई वार्डों में संपत्ति कर के बकाए पर दुकानों और मकानों पर ताले जड़े
संपत्ति कर बकाएदारों पर कार्रवाई, कई दुकानों और मकानों पर जड़े ताले
इंदौर में नगर निगम राजस्व विभाग ने संपत्ति कर के बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की टीमों ने कई वार्डों में पहुंचकर मकानों, दुकानों और औद्योगिक संस्थानों पर ताले जड़ दिए। यह अभियान लगातार जारी रहेगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बड़े पैमाने पर बकाया है। नगर निगम पिछले कई दिनों से बड़े बकायेदारों को नोटिस भेजकर राशि जमा कराने की चेतावनी दे रहा था, लेकिन इसके बावजूद कई लोगों ने भुगतान नहीं किया। इसी के चलते दो दिन पहले राजस्व विभाग की टीमों ने कार्रवाई का यह अभियान शुरू किया है। सोमवार को भी विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें बकायादारों के परिसरों पर सीलिंग की गई और कई छोटे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी बंद कर दिया गया। अपर आयुक्त आकाश सिंह के निर्देश पर सभी जोन की टीमों ने अपने-अपने वार्डों में कार्रवाई की। इस दौरान दर्जनों दुकानों और कई मकानों को संपत्ति कर बकाया होने पर सील किया गया। राजस्व विभाग की भारी-भरकम टीम को अपने परिसरों पर कार्रवाई करते देखकर कई लोगों ने मौके पर ही बकाया राशि के चेक निगम अधिकारियों को सौंप दिए। सोमवार को निगम की टीमों ने लाखों रुपये का बकाया वसूल किया। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। वार्ड क्रमांक 5, 6, 7, 16, 33, 35, 55, 59, 79, 25, 77, और 78 सहित कई वार्डों में यह कार्रवाई की गई। इन वार्डों में बड़े बकायेदारों के यहां नोटिस भी चस्पा किए गए। नगर निगम ने फिलहाल बड़े बकायेदारों पर ध्यान केंद्रित किया है और सोमवार को अधिकांश दुकानों और व्यावसायिक क्षेत्रों में तालाबंदी की गई। नगर निगम के राजस्व विभाग ने संपत्ति कर के बकायेदारों के खिलाफ जोरदार अभियान छेड़ा है। विभाग की टीमों ने शहर के कई वार्डों में पहुंचकर ऐसे बकायेदारों के मकान, दुकान और औद्योगिक संस्थानों पर ताले जड़ दिए, जिन्होंने अपना बकाया कर जमा नहीं कराया था। यह कार्रवाई तब की जा रही है जब निगम पिछले कई दिनों से बकायेदारों को नोटिस जारी कर रहा था, लेकिन भुगतान न होने पर अब सीधे कार्रवाई का रास्ता अपनाया गया है। सोमवार को भी विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में दुकानों और प्रतिष्ठानों पर ताले लगाए गए। अपर आयुक्त आकाश सिंह के नेतृत्व में, नगर निगम की विभिन्न जोन की टीमों ने अपने-अपने वार्डों में घर-घर जाकर संपत्ति कर की वसूली की। इस अभियान के तहत, कई दुकानों और मकानों को सील कर दिया गया, क्योंकि उन पर कर की बड़ी रकम बकाया थी। कार्रवाई के दौरान, राजस्व विभाग के अमले को देखकर कई लोगों ने तुरंत बकाया राशि का भुगतान चेक के माध्यम से कर दिया। सोमवार को हुई कार्रवाई से निगम को लाखों रुपये की वसूली हुई। यह अभियान विशेष रूप से बड़े बकायेदारों वाले क्षेत्रों में केंद्रित है। नगर निगम ने पहले ही बड़े बकायेदारों को नोटिस भेजकर स्पष्ट कर दिया था कि यदि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को कई व्यावसायिक क्षेत्रों में तालाबंदी की गई, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ।

