प्रशासन ने मध्य प्रदेश पेयजल परीक्षण अधिनियम, 1986 के तहत डैम के जल को संरक्षित घोषित किया है, अवैध पंप जब्त होंगे
उज्जैन जिले में इस बार कम बारिश के कारण जलस्रोतों के उपयोग पर असर दिखने लगा है। तराना के बिरगोद डैम में पेयजल को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने सिंचाई और औद्योगिक उपयोग पर रोक लगा दी है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि डैम के पानी का इस्तेमाल केवल घरेलू जरूरतों, विशेषकर पीने के लिए किया जा सकेगा। यह प्रतिबंध गुरुवार, 22 अक्टूबर से लेकर 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगा। छोटी कालीसिंध नदी पर बने बिरगोद डैम से तराना नगर और आसपास के गांवों में पानी की आपूर्ति होती है। पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश पेयजल परीक्षण अधिनियम, 1986 के तहत डैम के जल को संरक्षित घोषित किया गया है। अब इस पानी का उपयोग सिंचाई, औद्योगिक गतिविधियों या अन्य गैर-घरेलू कार्यों के लिए नहीं किया जा सकेगा। अवैध पंपों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तराना के एसडीएम, एसडीओपी और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर परिषद, राजस्व विभाग और विद्युत मंडल की संयुक्त टीमें बिरगोद स्टॉप डैम पर चल रहे या लगाए जाने वाले अवैध पंपों को जब्त करेंगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि डैम के पानी का इस्तेमाल प्रतिबंधित कार्यों में न हो।
