रायसेन जिले के रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में आने वाले नीलगढ़ गांव में प्रस्तावित ‘नीलगढ़ उत्सव-विशाल सहारा लहंगी-डंडा प्रतियोगिता’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में डीजे, लाउडस्पीकर और तेज आवाज वाले वाद्य यंत्रों के इस्तेमाल से वन्यजीवों को परेशानी होने की आशंका जताई गई है। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने आयोजन को वन्यजीव संरक्षण के नियमों के विपरीत बताते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। उन्होंने कार्यक्रम पर तत्काल रोक लगाने, आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई करने और कथित लापरवाही बरतने वाले वन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। अजय दुबे के अनुसार, रायसेन जिले की सुल्तानपुर तहसील के नीलगढ़ गांव में 24 अक्टूबर 2026 को रात 8 बजे से ‘नीलगढ़ उत्सव-विशाल सहारा लहंगी-डंडा प्रतियोगिता’ आयोजित करने की घोषणा की गई है। कार्यक्रम के प्रचार के लिए जारी पंपलेट में प्रवेश शुल्क ₹501 और विजेताओं के लिए ₹15,001 तक के नकद पुरस्कार का उल्लेख है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि रात के समय होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने, वाहनों की आवाजाही बढ़ने और डीजे व लाउडस्पीकर बजने से आसपास के वन्यजीव प्रभावित हो सकते हैं। पंपलेट में आयोजन से जुड़े आयोजक और सहयोगी के रूप में वन ग्राम नीलगढ़, धुंधवानी तथा वन समिति की सहभागिता दर्शाए जाने की बात भी कही गई है।
समाचार
रातापानी टाइगर रिजर्व में डीजे नाइट पर विवाद: वन्यजीवों को परेशानी की आशंका, एनटीसीए से शिकायत
24 अक्टूबर 2026 को 10:59 pm बजे
