प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में वर्ल्ड समिट 2026 में भाषण दिया, जहां उन्होंने भारत को बदनाम करने वालों पर निशाना साधा
नई दिल्ली में एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया एक नए विश्व व्यवस्था की तलाश में है, जबकि कुछ लोग विदेश जाकर भारत को बदनाम कर रहे हैं और कांग्रेस अपने असफल उत्पादों को लॉन्च करने के लिए देश को दांव पर लगा रही है, जो चिंता का विषय है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 में दुनिया की बदलती राजनीति, अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भारत की भूमिका पर एक प्रभावशाली भाषण दिया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया सहयोग की तलाश में थी, तब कुछ लोग भारत में अव्यवस्था फैलाने के सपने देख रहे थे और कुछ विदेश जाकर देश को बदनाम कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पता नहीं कब तक यह पार्टी अपने असफल उत्पादों को लॉन्च करने के लिए देश को दांव पर लगाती रहेगी। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया आज एक नए विश्व व्यवस्था की तलाश में है, जिसका असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सम्मान, सहयोग और विवादों के समाधान की आवश्यकता महसूस की गई थी। हालांकि, आज की दुनिया में तकनीकी प्रगति और नए देशों के वैश्विक व्यवस्था में शामिल होने से संयुक्त राष्ट्र के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। जब दुनिया की समस्याएं बदल गई हैं, लेकिन समाधान के तरीके नहीं बदले, तो दूरियां बढ़ना स्वाभाविक है। प्रधानमंत्री ने समुद्री रास्तों पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार के हथियार बनने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे क्षेत्रों में तनाव का उल्लेख करते हुए पूछा कि नई वास्तविकताओं को जगह कैसे मिले। यहीं से भारत की भूमिका उभरती है। 2020 में उन्होंने दुनिया के लिए एक ऐसी व्यवस्था की वकालत की थी, जिसके केंद्र में लोग हों। यह समझना महत्वपूर्ण है कि बदलती दुनिया में बदलती आवाजों को मुख्यधारा का हिस्सा कैसे बनाया जाए। चाणक्य के 'मत्स्य न्याय' का उल्लेख करते हुए, जिसमें बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है, प्रधानमंत्री ने कहा कि जब व्यवस्था कमजोर पड़ती है तो ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत जितना मजबूत होगा, दुनिया भी उतनी ही मजबूत होगी। भारत दुनिया की शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने देश के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि जब देश एक साथ चलता है तो पावर ग्रिड बैठता नहीं, बल्कि आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री ने बताया कि दुनिया के आधे से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स भारत में हैं, जो देश की बदलती पहचान और भूमिका का प्रमाण है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि कांग्रेस 30 साल तक सत्ता में नहीं आएगी।
