प्रताप नारायण यादव, कलेक्टर, ने छतरपुर और दमोह जिलों के 351 गांवों में हर घर तक पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित लगभग 350 करोड़ रुपये की मल्टी विलेज जल प्रदाय योजना वेबस सुनार-2 की धीमी प्रगति पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए परियोजना को समय-सीमा में पूरा किया जाए
प्रताप नारायण यादव, जो कलेक्टर हैं, ने छतरपुर और दमोह जिलों के 351 गांवों में हर घर तक पेयजल पहुंचाने के लिए संचालित लगभग 350 करोड़ रुपये की मल्टी विलेज जल प्रदाय योजना वेबस सुनार-2 की धीमी प्रगति पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए परियोजना को समय-सीमा में पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को शासन की मंशा के अनुरूप योजना का लाभ मिल सके। जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य वर्ष 2023 में प्रारंभ हुआ था और इसे वर्ष 2025 तक पूरा किया जाना निर्धारित था। हालांकि, वर्ष 2026 में भी योजना का कार्य लगभग 60 से 65 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। कई स्थानों पर पानी की टंकियों से जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, जबकि फिल्टर प्लांट का निर्माण कार्य भी अभी शेष है। इस स्थिति को देखते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने और कार्यरत टीमों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। कलेक्टर यादव ने निर्देशित किया कि केवल एक टीम के माध्यम से कार्य कराने के बजाय निर्माण कार्य को अलग-अलग टीमों के जरिए समानांतर रूप से कराया जाए। इसके लिए प्रत्येक 10 टंकियों पर अलग- अलग सुपरवाइजर और निर्माण एजेंसियों को तैनात कर कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
