प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग समितियां बनेंगी
मध्य प्रदेश मादक पदार्थों की तस्करी और विनिष्टिकरण में देश में पहले स्थान पर है। वर्ष 2025 में 2073 प्रकरणों में 144025 किलोग्राम और 2026 में 30 सितंबर तक 2756 प्रकरणों में 130380 किलोग्राम मादक पदार्थों का विनिष्टिकरण किया गया है
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने पांचवी राज्य स्तरीय एनसीओआरडी बैठक में मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सभी विभाग त्रि-वर्षीय विशेष अभियान के लिए अपने आंतरिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्य-योजना बनाएंगे। मुख्य सचिव ने ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने के साथ ही नार्कोटिक्स वर्टिकल, एसआईबी और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ड्रग विनिष्टिकरण की कार्रवाई में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। वर्ष 2025 में अफीम, मॉर्फीन, कोडीन आदि के 2073 प्रकरणों में कुल 144025 किलोग्राम और वर्ष 2026 में 30 सितंबर तक 2756 प्रकरणों में कुल 130380 किलोग्राम मादक पदार्थों का विनिष्टिकरण किया गया है। इस वर्ष 30 सितंबर तक एनडीपीएस के 2986 मामलों में 4091 आरोपियों से 50933 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। नशामुक्ति अभियान में देश में मध्य प्रदेश के शीर्ष 2 में स्थान बनाने पर मुख्य सचिव बर्णवाल ने संबंधित विभागों की सराहना की। उन्होंने शासकीय और अशासकीय शिक्षण संस्थानों में नशामुक्त विद्यालय अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 500 से ज्यादा छात्र संख्या वाले संस्थानों में एंटी ड्रग समिति गठित करें और शिक्षक व विद्यार्थियों को जागरूक किया जाए। सूचना देने वाले विद्यार्थी और शिक्षकों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और इन समितियों के नोडल अधिकारी स्थानीय पुलिस थाने के बीट इंचार्ज होंगे। मादक पदार्थों के संबंध में सूचना देने के लिए नार्कोटिक्स विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए। वर्तमान में सामाजिक न्याय विभाग के 31 और स्वास्थ्य विभाग के 10 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। प्रदेश में एनसीबी का राष्ट्रीय नार्कोटिक्स का हेल्पलाइन मानस पोर्टल 1933 संचालित किया जा रहा है, जिस पर मादक पदार्थों से जुड़ी गुप्त सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। वर्ष 2025 में कुल 811 शिकायतें प्राप्त हुईं। मध्य प्रदेश पुलिस, एनसीबी, डीआरआई और सीबीएन ने प्रदेश में 18 गुप्त मादक प्रयोगशालाओं पर प्रभावी कार्रवाई कर उन्हें ध्वस्त किया है। एनडीपीएस के प्रकरणों में मादक पदार्थ के अवैध कारोबार में संलग्न व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है।
