डेढ़ घंटे तक रुकी रही प्रतिमा विसर्जन प्रक्रिया, सीएमओ-समिति सदस्य भिड़े
दमोह के फुटेरा तालाब पर विजयादशमी के अवसर पर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान विवाद खड़ा हो गया। रेलवे स्टेशन दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों और नगर पालिका के सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी के बीच बैरिकेडिंग को लेकर कहासुनी हुई, जिसने जल्द ही उग्र रूप ले लिया। इस हंगामे के कारण प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया लगभग डेढ़ घंटे तक बाधित रही। समिति के सदस्यों ने सीएमओ पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए उनसे माफी की मांग की, वहीं सीएमओ ने भी सदस्यों पर दबाव बनाने और धमकाने का आरोप लगाया। विवाद के दौरान सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। इस घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया। समिति के सदस्य सतीश तिवारी ने आरोप लगाया कि घाट पर लगाए गए बैरिकेड हटा दिए जाने के बावजूद सीएमओ ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया। इस पर विसर्जन के लिए पहुंचे लोगों ने नाराजगी जताई और सीएमओ से माफी की मांग करने लगे। दूसरी ओर, सीएमओ का कहना था कि तालाब पर बैरिकेडिंग कलेक्टर के निर्देश पर लगाई गई थी, और इसी व्यवस्था को लेकर दोनों पक्षों में बहस बढ़ी। विवाद के चलते प्रतिमा विसर्जन को रोकना पड़ा, जिससे मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई। विवाद के दौरान दुर्गोत्सव समिति के सदस्य सीएमओ से माफी मांगने की मांग पर अड़े रहे। घटनाक्रम से जुड़े अन्य वीडियो भी सामने आए, जिनमें कथित तौर पर जातिगत टिप्पणियां सुनाई देने की बात सामने आई, जिससे विवाद ने एक सामाजिक रंग ले लिया। ओबीसी वर्ग से जुड़े कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों पर सीएमओ के साथ मारपीट करने और जबरन माफी मांगने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। हालांकि, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग देखा जाना महत्वपूर्ण है। विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही सीएसपी एचआर पांडे मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाइश देकर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। इसके बाद क्रेन की मदद से देवी प्रतिमाओं का विसर्जन कराया गया। डेढ़ घंटे तक बाधित रही प्रक्रिया दोबारा शुरू होने पर अन्य समितियों की प्रतिमाएं भी तालाब तक पहुंचने लगीं। विसर्जन स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ और चल समारोह की व्यवस्थाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय रहा। अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई और प्रतिमा विसर्जन का क्रम आगे बढ़ा। विवाद के बीच शहर में दशहरा चल समारोह भी जारी रहा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की दुर्गा प्रतिमाएं शामिल हुईं।

