मुख्यमंत्री की मंशानुसार दुग्ध उत्पादन वृद्धि के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए
उज्जैन दुग्ध संघ के अधिकारियों को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु ग्राम स्तर पर संभावनाओं का आकलन किया जाए तथा अधिक दुग्ध उत्पादन वाले गांवों को दुग्ध संग्रहण एवं वितरण व्यवस्था से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने उज्जैन दुग्ध संघ के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ग्राम स्तर पर संभावनाओं का आकलन किया जाए तथा अधिक दुग्ध उत्पादन वाले गांवों को दुग्ध संग्रहण एवं वितरण व्यवस्था से जोड़ा जाए। जिन गांवों में प्रतिदिन 200 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन होता है, उन्हें प्राथमिकता से मिल्क रूट से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके और उन्हें दूध का उचित मूल्य प्राप्त हो। कलेक्टर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए विभागीय समन्वय कर कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों से पूछा कि जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा क्या कार्ययोजना बनाई गई है तथा पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मैदानी स्तर पर भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि आगामी बैठक में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, मिल्क रूट के विस्तार तथा किसानों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के लिए किए गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। कम वर्षा और रबी की कार्ययोजना की समीक्षा की बैठक में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की प्रगति तथा कृषि विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में कृषि विभाग द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उज्जैन जिले में कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए रबी वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, बीज व्यवस्था, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) तथा संबंधित डैशबोर्ड की स्थिति की जानकारी दी गई। कलेक्टर सिंह ने डैशबोर्ड की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने तथा योजनाओं की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। इससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा और उन्हें दूध का उचित मूल्य प्राप्त होगा।

